39 दिल्ली में सरकार द्वारा प्राइवेट घरों को पट्टे पर लेना - Page 76

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 61

(ढ) तथा (ण) सरकार एक निश्चित उत्तर देने की स्थिति में नहीं है। यह संभावना है कि सरकार को और अधिक मकानों की आवश्यकता पड़ेगी।

(त) नहीं। यह प्रश्न अन्य भागों के मेरे उत्तर की दृष्टि से आवश्यक प्रतीत नहीं होता।

विवरण

(क) नई दिल्ली क्षेत्र 122 बंगले तथा फलैट

अधिसूचित क्षेत्र (नोटिफाइड एरिया) 8 बंगले

करोलबाग 143 फलैट (लिपिकों के लिए

उपयक्त आवास सहित)

दरियागंज 34 फलैट (केवल लिपिकों

के लिए उपयुक्त)।

प्रथम मकान का आधार अंतिम मकान का आधार

(ख) नई दिल्ली 1.4.41 2-7-43

अधिसूचित क्षेत्र 1.6.41 31-12-42

करोल बाग 7.7.42 15-1-43

दरियागंज 15.8.42 25-10-42

श्री लालचंद नवलरायः क्या मैं जान सकता हूँ कि कुछ मकान खाली क्यों पड़े हैं, क्या उनकी आवश्यकता अधिकारियों तथा लिपिकों (क्लर्को) को नहीं है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः कुछ अस्थायी कारण होना चाहिए जिसकी मुझे जानकारी नहीं है।

श्री लालचंद नवलरायः क्या क्लर्कों का अधिक के लिए और अधिक मकानों की आवश्यकता है या नहीं और या आपको पूरे मकान मिल गए है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः उस प्रश्न के विषय में मुझे नोटिस मिलना चाहिए।

डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः क्या यह सच नहीं है कि सरकार को अधिकारियों तथा अन्य लोगों के आवास के लिए बहुत सारे तम्बुओंं (टैंटों) की व्यवस्था करनी पड़ी थी?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः वह बिल्कुल ऐसा ही है।

डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः इससे पता चलता है कि मकान पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः हाँ।