46 @ नई दिल्ली में संयुक्त ‘सी’ टाइप क्वार्टरों के आवंटियों के धारणाधिकार पर स्थानांतरण - Page 82

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 67

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@ नई दिल्ली में संयुक्त ‘सी’ टाइप क्वार्टरों के

आवंटियों के धारणाधिकार पर स्थानांतरण

# 285. सरदार संत सिंहः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि पिछले वर्ष तक नई दिल्ली में मॉड, इबस्टन तथा रीडिंग रोड़ों पर संयुक्त ‘‘सी’’ टाइप र्क्वाटरों के आवंटियों को आवेदन पर, हैवलोक स्क्वायर, बेयर्ड रोड, मार्केट रोड, इर्विन रोड आदि में जब भी ऐसे क्वार्टर उपलब्ध होते थे, नियमित ‘सी’ टाइप कवार्टरों के साथ, धारणाधिकार सहित अपने क्वार्टर बदलने की अनुमति थी_

(ख) सबसे अधिक लम्बा समय कितना था जो उन मामलों में संयुक्त ‘‘सी’’ टाइप के आवंटी को नियमित ‘सी’ टाइप का क्वार्टर आवंटित करने में लगा जिन मामलों में आवंटी ने ऐसे संयुक्त क्वार्टर के आवंटन होते ही, उसी समय से बदली के लिए मांग की थी_

(ग) क्या ऐसे संयुक्त क्वार्टर के वर्तमान आवंटी को इस वर्ष धारणाधिकार सहित परिवर्तन की अनुमति दी जाएगी_

(घ) ऊपर (क) में उल्लिखित स्क्वेयरों तथा रोड़ों (सड़कों) में क्वार्टरों (नियमित ‘‘सी’’ टाइप) की कुल संख्या कितनी है जो इस वर्ष वर्तमान आवंटियों के द्वारा किसी एक या अन्य बातों जैसे सेवानिवृत्ति, या उच्चतर टाइप के क्वार्टर के आवंटन के कारण उन्हें स्थायी रूप में खाली कर दिया जाएगा_

(घ) क्या उनका यह देखने का प्रस्ताव है कि कम से कम इन संयुक्त ‘सी’ टाइप के किरायेदारों को यदि वे चाहें तो धारणाधिकार सहित परिवर्तन करने की अनुमति दी जाएगी, और यदि नहीं, तो क्यों?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) हाँ।

(ख) मांगी गई सूचना तत्काल उपलब्ध नहीं है और इसको एकत्रित करने में बहुत समय तथा श्रम लगेगा, जो युद्ध के समय में न्यायसंगत नहीं होगा।

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 11 मार्च, 1943, पृष्ठ 970-71 # प्रश्नकर्ता का कोटा समाप्त हो जाने के कारण इस प्रश्न का उत्तर सदन के पटल पर रखा गया।