48 तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र, दिल्ली पॉलिटैक्नीक में इन्स्ट्रक्टरों की बरखास्तगी - Page 83

68 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

(ग) तथा (घ) हां। इसकी अनुमति देने के लिए संशोधित नियमों को यथासंभव शीघ्र बदला जा रह है।

(घ) जब तक आगामी ग्रीष्म तथा सर्दी के मौसम के लिए आवेदन पत्र प्राप्त नहीं कर लिए जाते तब तक सूचना नहीं दी जा सकती।

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* युद्ध में आहत (क्षतिपूति बीमा) विधेयक

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (श्रम सदस्य)ः श्रीमान्, मैं एक विधेयक को प्रस्तुत करने की अनुमति चाहता हूँ जिससे कि नियोक्ताओं पर युद्ध में आहत हुए कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति देने का दायित्व सौंपने और ऐसे दायित्व के विरूद्ध नियोक्तयाओं के बीमा के लिए व्यवस्था की जाए।

अध्यक्ष महोदय (माननीय सर अब्दुर रहीम)ः प्रश्न यह हैः

‘‘कि नियोक्ताओं पर युद्ध में आहत हुए कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति देने का दायित्व सौंपने और ऐसे दायित्व के विरूद्ध नियोक्ताओं के बीमा के लिए व्यवस्था करने के लिए एक विधेयक प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाए।’’

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः श्रीमन् मैं विधेयक पुरःस्थापित करता हूं।

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** तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र, दिल्ली पॉलिटैक्नीक में
इन्स्ट्रक्टरों की बरखास्तगी

311. मौलवी सैयद मुर्जज़ा साहिब बहादुरः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य, 25 मार्च, 1942 को अतारांकित प्रश्न सं. 75 के उत्तर के भाग (घ) की ओर ध्यान देंगे और तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र, दिल्ली पॉलिटैक्नीक में इन्स्ट्रक्टरों तथा सहायक इन्स्ट्रक्टरों की निरंतर बरखास्तगी, का कारण बताएंगे, विशेष रूप से उस समय, जब कुशल व्यक्तियों की भारी कमी_ है और

(ख) क्या यह सच है कि कुछ मुसलमानों को कोई कारण बताए हटा दिया गया है?

* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 11 मार्च, 1943, पृष्ठ 976 ** विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खंड 2, 16 मार्च, 1943 पृष्ठ 1120