विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 69
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) 1 अप्रैल, 1942 के चौदह इन्स्ट्रक्टरों को हटाया गया है। उनमें से 13 को उपयोग्यता व अदक्षता के कारण तथा एक को राजनैतिक कार्यकलापों के कारण हटाया गया।
(ख) मेरी जानकारी के अनुसार, नहीं।
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* भारत सरकार मुद्रणालय, नई दिल्ली के जिल्द
विभाग में कर्मचारियों की शिकायत
312. काज़ी मुहम्मद अहमद काज़मीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या भारत सरकार प्रेस, नई दिल्ली के सभी कर्मचारियों ने पहली तथा दूसरी दिसम्बर, 1942 को हड़ताल की थी और यह कि 2 दिसम्बर, 1942 को श्रम सचिव वहां गए और उनके सामने छह मांगें रखी गई और कि एक मांग जिल्द विभाग में वार्षिक वृद्धि थी और कि वेतन का प्रारंभ 30 रु. प्रतिमास से होना चाहिए और कि 20 वर्ष की सेवा अवधि के अंदर वेतन 75 रुपये प्रतिमास के अधिकतम ग्रेड तक पहुंच जाना चाहिए_
(ख) क्या यह सच है कि जिल्द विभाग, 1927 से, एक वार्षिक वृद्धि के लिए, निर्माण समिति (वर्क्स कमेटी) को प्रश्न तथा ज्ञापन प्रस्तुत करता रहा है और विध्सान सभा में प्रश्न रखता रहा है और प्रेस की यूनियन ने भी एक ज्ञापन दिया है_
(ग) क्या यह सच है कि लोग पिछले 15/20 वर्ष से वही वेतन ले रहे हैं और उनमें से अधिकांश लोगों को उनके वेतन में से फंड, सोसायटी, पानी, क्वार्टर आदि के लिए कटौतियाँ हो जाने के बाद प्रतिमास केवल 10/12 रुपये ही मिलते हैं, इस राशि से उनके लिए अपना जीवन-निर्वाह करना असंभव है_
(घ) क्या यह सच है कि जिल्द विभाग की यूनियन ने नवम्बर, 1942 में श्रम विभाग के सचिव को एक ज्ञापन दिया था जिसमें यह लिखा गया था कि जब तक वार्षिक वृद्धि न दी जाए तब तक जिल्द विभाग के कर्मचारियों को 25 वर्ष की सेवा से पहले सेवानिवृत्त न किया जाए और इस प्रकार उनकी थोड़ी-सी क्षतिपूर्ति की जाए_ और
(घ) क्या सरकार जिल्द विभाग में लोगों को उस समय तक रखने के लिए तैयार है जब तक वे 25 वर्ष की सेवा पूरी न कर लें?
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकरः (क) हाँ पर्यवेक्षण कर्मचारियों तथा कुछ अन्य
* विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1943 का खण्ड 2, 16 मार्च, 1943, पृष्ठ 1121