86 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मुझे इस प्रश्न के उत्तर के लिए नोटिस की आवश्यकता है।
हाज़ी अब्दुस सत्तार हाज़ी इशाक सेठ ः क्या माननीय सदस्य कृपा करके हमें यह बताना चाहेंगे कि विभाग की स्थापना शाखा के बारे में प्रश्न के उत्तर में किस विभाग को शामिल किया गया है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः यह उत्तर मुख्य सचिवालय से संबंधित है। जैसा कि मैने कहा था, मैं अपनी सूचना की शुद्धता रखने के लिए नोटिस चाहता हूं।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः क्या माननीय सदस्य इस बात से अवगत हैं कि पुनर्वास और रोजगार निदेशालय मुख्य सचिवालय से बिलकुल अलग हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः अलबत्ता, मैं इस तथ्य से अवगत हूं।
श्री मनु सूबेदार ः श्रम विभाग के लिए संयुक्त सचिवों, उप-सचिवों, सहायक और अवर सचिवों की इतनी अधिक संख्या क्यों आवश्यक है और क्या मैं यह जान सकता हूं कि मेरे माननीय मित्र मेरे मुस्लिम दोस्तों की यह इच्छा नहीं पूरी करेंगे यदि अन्य सम्प्रदायों का अनुपात कम करके मुस्लिम अनुपात को बढ़ा दें जो वे चाहते हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं माननीय सदस्य के प्रश्न पर अपनी राय अभिव्यक्त नहीं करना चाहता।
प्रोफेसर एन. जी. रंगा ः पूरे विभाग को मुसलमानों से भर दिया जाए।
श्री श्रीप्रकाश ः क्या मैं विनम्र शब्दों में यह निवेदन करूँ कि सरकार प्रत्येक सत्र के प्रारंभ में विभिन्न विभागों के अलग-अलग सम्प्रदायों की पूरी सचू सदन के पटल पर रख दें ताकि इनमें से अधिकांश प्रश्नों की आवश्यकता न रहे और तनाव नियंत्रण में रहे?
श्री अहमद ई. एच. जफर ः 1934 में गृह विभाग के सरकारी प्रस्ताव में मुसलमानों का कोटा 25 प्रतिशत रखा गया था और यह तथ्य दिया गया है कि श्रम विभाग के प्रस्ताव के अनुसार मुस्लिम प्रतिनिधित्व की कमी है अतः इस परिप्रेक्ष्य में क्या माननीय सदस्य भूल का सुधार करेंगे और अधिक मुसलमानों को रखकर कोटा की पूर्ति करेंगे?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैने अपने उत्तर में जिन पदों का उल्लेख किया है, वे ऐसे पद नहीं है जो साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व द्वारा शासित होते हों। वे पदोन्नति वाले पद हैं।