391 दिल्ली स्टोर सब-डिवीजन में गबन के मामले में लोक धन की हानि - Page 102

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 87

श्री अहमद ई. एच. जफर ः क्या मैं यह समझूं कि यह प्रस्ताव माननीय श्रम सदस्य के विभाग पर लागू नहीं होता?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः माननीय सदस्य को सरकारी प्रस्ताव अधिक ध्यान से पढ़ना चाहिए था जबकि ऐसा लगता है कि ऐसा नहीं हुआ।

श्री अहमद ई. एच. जफर ः थोड़े दिन पहले माननीय गृह सदस्य डॉक्टर सर जि़याउद्दीन अहमद ने बताया कि सरकारी प्रस्ताव श्रम विभाग पर भी लागू होता है, क्या वह प्रस्ताव माननीय श्रम सदस्य को भिजवाएंगे?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं प्रस्ताव के बारे में भलीभांति अवगत हूं।

सभापति ः अगला प्रश्न किया जाए।

श्री अहमद ई. एच. जफर ः एक प्रश्न और है। श्रीमन क्या उपसचिव का पद प्रथम श्रेणी का पद है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः प्रथम श्रेणी के पद जैसी कोई बात नहीं है।

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ऽदिल्ली स्टोर सब-डिवीजन में गबन के

मामले में लोक धन की हानि

  1. श्री अहमद ई. एच. जफर ः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य कूपापूर्वक ‘दिल्ली स्टोर सब-डिवीजन में गबन के मामले’ में लोग धन की हानि की लगभग राशि बताएंगे?

(ख) इसमें कौन अपराधी थे और दण्ड दिलाने के लिए क्या कार्रवाई की गई है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) ‘दिल्ली सब डिवीजन गबन मामले’ जैसा कोई मामला नहीं है। यदि माननीय सदस्य के मस्तिष्क में स्टोर्स सब डिवीजन जो निर्माण डिवीजन नं. 1 के अधीन है, में सीमेंट की ढुलाई में तथाकथित अधिक भुगतान करने का मामला है, तो मैं उन्हे सूचित कर सकता हूं कि इस मामले की छानबीन की जा रही है।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 3, 1946, 6 मार्च, 1946, पृष्ठ 1935-36