88 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(ख) प्रश्न नही उठता।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः क्या यह सच है कि संबंधित एस. डी. ओ. अभी भी सेवा में लगे हुए हैं जिन्होंने दो लाख रुपये का ग़बन किया है।
सभापति महोदय ः शांति, शांति। माननीय सदस्य ने पहले ही बता दिया था कि कोई भी ग़बन का मामला नहीं है।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः मैं माननीय सदस्य के उत्तर से पूर्णतया सहमत हूं। जिस बात का वह जिक्र कर रहे हैं, वह बात यह है कि दो लाख रुपये का अधिक भुगतान किया गया था।
सभापति महोदय ः मेरा विचार यह है कि माननीय सदस्य ने यह उत्तर दिया है कि गबन का कोई भी मामला नहीं है परन्तु अधिक भुगतान का मामला है। माननीय सदस्य अपने अगले प्रश्न में गबन की कल्पना न करें - वह अधिक भुगतान के बारे में प्रश्न कर सकते हैं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः यह मामला छानबीन के अन्तर्गत है और जब तक छानबीन का परिणाम प्राप्त न हो, सरकार किसी भी अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई नहीं कर सकती।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः मैं पूछना चाहता हूं कि संबंधित एस. डी. ओ. क्या अभी भी सेवा में हैं जो दो लाख रुपये के अधिक भुगतान के लिए उत्तरदायी है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः अलबत्ता वह सेवा में लगे हुए हैं।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः क्यों?
माननीय डॉक्टर बी. आर. अम्बेडकर ः क्योंकि अभी तक उनके विरूद्ध मामला सिद्ध नहीं हुआ है।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः ऐसे मामलों में, जहां छानबीन की जा रही हो, क्या यह पद्धति नहीं है कि संबंधित अधिकारी को निलंबित किया जाए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः उस समय तक निलंबित नहीं किया जा सकता जब तक कि छानबीन की रिपोर्ट न मिल जाए।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः क्या यह इसलिए नहीं है कि वह अधिकारी अनुसूचित जाति का है?