90 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(ग) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि हेडक्वार्टर्स पर तीन अर्हता-प्राप्त एक्जीक्यूटिव इंजीनियर है जो अधीक्षक इंजीनियर का पद भार संभालने के लिए सक्षम हैं_
(घ) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि कम योग्यताओं तथा उच्च सम्प्रदायों के व्यक्ति अधीक्षक इंजीनियर नियुक्त किए गए हैं, यदि हां तो मुसलमानों के दावों की अवहेलना क्यों की गई_ और
(घ) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि आई. एस. ई. मुस्लिम एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की अवहेलना की गई और मुख्यालय के अधीक्षक इंजीनियर का अवसर एक अन्य अधिकारी को दे दिया गया जो निचले पदों से ऊपर आया था और निकट भविष्य में सेवानिवृत्त होने वाला है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) मैने लेख देखे हैं। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पद जो साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व के नियमों के कार्यान्वयन के अन्तर्गत आते हैं, इन नियमों की आवश्यकतानुसार विधिवत् भरे जाते हैं। फिर भी यह संभव नहीं है कि मौलिक पदों को किसी विशेष सम्प्रदाय के अधिकारियों के लिए अलग किया जाए।
(ख) जी हां।
(ग) यह स्पष्ट नहीं है कि माननीय सदस्य किस एक्जीक्यूटिव इंजीनियर का जिक्र कर रहे हैं। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियरों में से कोई भी इंजीनियर अधीक्षक इंजीनियर के पद पर उन्नति के लिए उपयुक्त नहीं है जो दिल्ली में तैनात हैं।
(घ) और (घ) अधीक्षक इंजीनियर के पद सेलेक्शन पद होते हैं और इन पदों पर नियुक्ति दक्षता के आधार पर होती है। इन पदों को भरने के लिए सभी पात्र एक्जीक्यूटिव इंजीनियरों के दावों पर विचार किया जाता है और उसी अधिकारी को नियुक्त किया जाता है जो सबसे उपयुक्त होते हैं। माननीय सदस्य द्वारा बताए गए आई. एस. ई. मुस्लिम अधिकारी का मामला यथोचित रूप से विचार किया गया था।