393 बिहार में कोसी नदी के प्रवाह को वश में करने के लिए धन का अनुदान - Page 106

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 91

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ऽबिहार में कोसी नदी के प्रवाह को वश में

करने के लिए धन का अनुदान

  1. श्री सत्य नारायण सिन्हा ः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य इस तथ्य से अवगत हैं कि गवर्नर जनरल ने अपने बिहार के गत दौरे के समय उस क्षेत्र का अवलोकन किया जो कोसी नदी के उग्र प्रवाह के कारण नष्ट-भ्रष्ट हो गया था तथा वह उस क्षेत्र की दयनीय स्थिति से इतना अभिभूत हो गए थे कि उन्होंने यह निर्णय किया कि नदी के प्रवाह को वश में करने के लिए उपयुक्त राशि के अनुदान देने हेतु केंद्रीय सरकार से कहा जाए तथा इस प्रकार संबंधित लाखों लोगों के जान-माल की सुरक्षा की जाए_ यदि हां तो उस दिशा में क्या किया जा रहा है_ और

(ख) क्या कोई भी परियोजना तैयार है_ यदि नही तो इसे शीघ्र कार्यान्वित किए जाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं क्योंकि इस मामले में लाखों लोगों की जान-माल की चिंता का प्रश्न निहित है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) गर्वनर जनरल ने अपने दौरे के समय उस क्षेत्र का वायुयान से अवलोकन किया जो कोसी नदी के प्रचंड प्रवाह के कारण नष्ट-भ्रष्ट हो गया था तथा श्रम विभाग को एक ज्ञापन भेजा था जिसमें इस बात पर बल दिया गया था कि यथासंभव शीघ्रता के साथ नदी पर नियंत्रण किया जाए।

(ख) केन्द्रीय वाटरवेज़, सिंचाई और नौचालन, आयोग छान-बीन कर रहे हैं उन्होने नेपाल सरकार की अनुमति से इस प्रयोजन के लिए वायुयान द्वारा अवलोकन और भूमि-सर्वेक्षण तथा भूवैज्ञानिक और जलवैज्ञानिक छानबीन प्रारंभ कर दी है। नेपाल में हिमालय क्षेत्र में जल-भंडार हेतु बाँध द्वारा कोसी को नियंत्रित करने की योजना की दृष्टि से छानबीन की जा रही है। इस प्रकार के बांध से बाढ़ के अतिरिक्त जल का केवल भंडारण तथा उसके द्वारा बहाई जाने वाली मिटट्ी की अधिक मात्रा का भंडारण ही नहीं होगा अपितु कोसी नदी की बाढ़ों से इस समय हुई हानि का बचाव भी होगा और यह आशा की जाती है कि नेपाल तथा बिहार के अनुमानित तीन मिलियन एकड़ भूमि की अनवरत िंसंचाई भी होगी और सस्ती जल विद्युत शक्ति के उत्पादन के अवसर भी मिलेंगे। इस छानबीन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 3, 1946, 6 मार्च, 1946, पृष्ठ 1949