विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 93
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ऽसम्पदा कार्यालय में मुस्लिम राजपत्रित
अधिकारी
741. खान बहादुर मखदूम अल-हज सईद शेरशाह जिल्लानी ः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि सम्पदा कार्यालय, नई दिल्ली में इस समय कितने राजपत्रित पद हैं_
(ख) उनमें से कितने पदों पर मुसलमान काम कर रहे हैं_
(ग) क्या माननीय सदस्य इस तथ्य से अवगत हैं कि 1943 में गृह विभाग के परामर्श से श्रम विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि सहायक सम्पदा अधिकारियों के पद केंद्रीय लोक-निर्माण विभाग के उच्च अर्हताप्राप्त अधीक्षकों में से पदोन्नति द्वारा भरे जाएंगे_ यदि हां तो क्या माननीय सदस्य यह सुनिश्चित करेंगे कि जो नीति एक बार निर्धारित कर दी गई उसका कड़ाई से पालन किया जाए_ और
(घ) क्या सरकार का अब जो पद खाली है जिसे मुस्लिम उम्मीदवार के लिए आरक्षित किया गया था, उस पर नियमानुसार किसी दूसरे मुस्लिम उम्मीदवार को नियुक्त करने का विचार है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) पांच।
(ख) इस समय कोई भी नहीं।
(ग) केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग संगठन से संपदा कार्यालय के अलग होने से पूर्व मुख्य इंजीनियर के कार्यालय में सहायक संपदा अधिकारी के पद पर भर्ती का सामान्य तरीका उसी कार्यालय में अधीक्षकों में से चयन और पदोन्नति के आधार पर था, तब से यह स्थिति बदल गई है। अब संपदा कार्यालय केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग का भाग नहीं है परन्तु अब वह श्रम विभाग के सीधे नियंत्रण में है। इसलिए मुख्य इंजीनियर के कार्यालय में अधीक्षकों को संपदा कार्यालय में सहायक संपदा अधिकारी के पद पर पदोन्नति का अधिकार नहीं है परन्तु उनके बारे में दक्षता के आधार पर विचार किया जा सकता है जब इनमें से किसी पद को भरना होता है।
(घ) अब जो स्थान खाली हैं, उसके भरे जाने का प्रश्न विचाराधीन है।
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 3, 1946, 6 मार्च, 1946, पृष्ठ 1952