396 बंधुआ मजदूरों को रोजगार में रखने पर रोक - Page 109

94 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

श्री मोहम्मद नौमैन ः भाग (ख) के संदर्भ में क्या मैं यह जान सकता हूं कि इन पांच पदों को किस प्रकार भरा गया था और क्या मुस्लिम उम्मीदवार नहीं थे जो इन पदों के भरे जाने के लिए विचार किये जाते?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए मुझे नोटिस की आवश्यकता है।

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ऽबंधुआ मजदूरों को रोजगार में रखने पर रोक

743. श्री अनन्तशायनम आंय्यगर ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) इस देश में कितने बंधुआ मजदूर हैं_

(ख) सरकार देश में बंधुआ मजदूरों को रोजगार में रखने पर रोक लगाने के लिए कौन से कदम उठा रही है_

(ग) क्या देश के कई भागों में कृषि और औद्योगिक मजदूरों की मजदूरी की न्यूनतम राशि निर्धारित की गई है_ और

(घ) क्या सरकार इस बात का प्रस्ताव करती है कि मजदूरो को पर्याप्त राशि नियमित रूप से अदा की जाए और क्या इस बारे में विधान अथवा किसी अन्य तरीके को अपनाने के लिए कोई कदम उठाए गए हैं_ यदि हां तो वे क्या कदम हैं और यदि ऐसा नहीं है तो क्यों नही?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) कोई भी विस्तृत सूचना उपलब्ध नहीं है।

(ख) माननीय सदस्य का ध्यान प्रोफेसर एन. जी. रंगा के 20 फरवरी, 1946 के तारांकित प्रश्न संख्या 381 के उत्तर की ओर आकर्षित किया जाता है।

(ग) कृषि और औद्योगिक मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी विधान के प्रस्ताव विचाराधीन है।

(घ) प्रस्तावित न्यूनतम मजदूरी विधान न्यूनतम मजदूरी को निर्धारित करने के लिए व्यवस्था की जाएगी और निर्धारित दरों से किसी भी प्रकार कम मजदूरी न दिए जाने की स्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 3, 1946, 6 मार्च, 1946, पृष्ठ 1955