402 वाइसरीगल संपदा डिवीजन के कर्मचारियों की सेवा की शर्तें - Page 115

100 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

योजनाएं सम्मिलित की गई है जो स्वयं वित्तपोषित योजनाएं यथा लघु सिंचाई, सड़कें, प्रति-कटाव, कृषि-साधन, वन आदि न हों। दोनो वर्ग भवन निर्माण, प्रशिक्षण और अनुसंधान, पूर्व सैनिकों का पुनर्वास अन्य बातों के साथ-साथ पर्याप्त कार्यक्षेत्र उपलब्ध कराएंगे। पंचवर्षीय योजना से कुछ अन्य योजनाएं यथा जन स्वास्थ्य योजनाएं, विशेषकर मलेरिया के विरूद्ध साधन, जल आपूर्ति तथा जल-निकासी योजनाएं जिनसे पर्याप्त मात्रा में रोजगार उपलब्ध होगा, भी कार्यान्वित की जा रही है।

(घ) नहीं, ऐसे मामलों के सिवाय जहां विशेष नियुक्तियों के लिए विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है अथवा जहां संख्या कम होती है इनकी लोक हित में आवश्यकता होती है।

(च) प्रश्न नहीं उठता।

(छ) 20 जून, 1942 से 31 दिसम्बर 1945 तक होने वाले पदों में से 70 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से साधारणतया भरे जाते हैं, इन पदों को ‘युद्ध सेवा’ के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किया गया है। विभिन्न प्रांतीय सरकारों द्वारा आरक्षित रिक्त स्थानों के अनुपात के बारे में सूचना तुरंत उपलब्ध नहीं है। उच्च सेवाओं में युद्ध आरक्षित रिक्त पदों के लिए आवेदन पत्र उम्मीदवारों से मांगे गए हैं तथा गैर-तकनीकी सेवाओं के रिक्त स्थानों के लिए आवेदन पत्र देने की अंतिम तारीख 15 फरवरी, 1946 है और तकनीकी सेवाओं के लिए आवेदन पत्र देने की अंतिम तारीख 1 अप्रैल, 1946 है।

तकनीकी सेवाओं के उम्मीदवारों का साक्षात्कार संघीय लोक सेवा आयोग द्वारा किया जाएगा और यह आयोग ही अन्तिम रूप से चयन करेगा। गैर-तकनीकी सेवाओं के लिए उम्मीदवारों को युद्ध विभाग द्वारा काम में लाए जाने वाले बोर्डो द्वारा सर्वप्रथम परीक्षा ली जाएगी तथा इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग द्वारा अंतिम रूप से चयन किया जाएगा। अधीनस्थ और अवर सेवा के रिक्त पदों के लिए पूर्व सैनिकों से सैन्य विघटन के बाद आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे।

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ऽवाइसरीगल संपदा डिवीजन के कर्मचारियों की सेवा की शर्तें 70. सरदार मंगल सिंह ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि सेवा की वे विस्तृत शर्तें अर्थात् वेतनमान, दी गई अन्य निःशुल्क रियायतें और कार्य करने का स्थान आदि क्या थी जिनके अधीन 14 जुलाई, 1946 से पूर्व शिमला अथवा दिल्ली में वाइसरीगल संपदा डिवीजन में लिपिकों और अधीनस्थ कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता था?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः एक विवरण सदन के पटल पर रखा जाता है (देखिए पृष्ठ 147)

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 3, 1946, 6 मार्च, 1946, पृष्ठ 1974