106 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(ख) क्या सरकार उन्हें रहन-सहन के लिए न्यूनतम मजदूरी देना चाहती है, और हां है तो कब और कितनी राशि देगी_
(ग) उन्हें दी जाने वाली सुविधाएं यथा स्नान करने की सुविधाएं, बाहय खेल, बच्चों की शिक्षा, क्वार्टरों की व्यवस्था और चिकित्सीय सहायता क्या-क्या हैं_
(घ) उनमें प्रति सप्ताह काम के घंटे कितने हैं और क्या सरकार उन घंटों को घटाकर 40 घंटे प्रति सप्ताह करना चाहती है_
(घ) क्या सरकार उन्हें सस्ती दरों पर अनाज सप्लाई करने का प्रस्ताव करती है जैसा कि सरकार दिल्ली प्रेस तथा अन्य सरकारी विभागों के लिए कर रही है_ और
(च) क्या सरकार उजरती मजदूरी पद्धति का उन्मूलन करने का इरादा करती है और इस समय कर्मचारियों द्वारा पैदा की गई मजदूरियों के आधार पर मासिक वेतन प्रारंभ करना चाहती है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः जी हां। शिकायतें इस प्रकार हैंः
( i ) यू. पी. सरकार द्वारा गेहू के राशन में कटौती,
( ii ) वेतन और वेतनमानों का पुनरीक्षण,
( iii ) दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों को दी गई रियायत के आधार पर अनाजों की रियायती दरें,
( iv ) उजरती दरों का उन्मूलन, और
( v ) क्वार्टरों की व्यवस्था।
हड़ताल के इस नोटिस का तत्काल कारण गेहू की राशनिंग की कटौती है।
(ख) यह सामान्य प्रकार का ऐसा प्रश्न है जो सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
(ग) बाहय खेलों और चिकित्सीय सेवा के अलावा इस समय अन्य कोई सुविधाएं विद्यमान नहीं हैं। अन्य सुविधाओं के प्रदान करने के प्रश्न पर विचार किया जा रहा है।
(घ) प्रति सप्ताह कार्य करने के घंटे 48 हैं। इनमें कमी करना ठीक होगा या नहीं, इस प्रश्न पर विचार किया जा रहा है।
(घ) नहीं। अलीगढ़ प्रेस के कर्मचारियों को यू. पी. सरकार के आदेशों के आधार पर रियायती दरों पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है।
(घ) इस समय सरकार की नीति है कि जैसे ही अवसर आएं, उजरती दरों के लिए शनैः शनैः वेतन के समय मान को बदल दिया जाए।