विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 107
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ऽभारत सरकार के मुद्रणालयों में
जूनियर रीडरों की कुछ पदोन्नति
900. हाजी चौधरी मोहम्मद इस्माइल खां ः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि भारत सरकार के मुद्रणालयों में जूनियर रीडरों को सीनियर रीडरों के पद पर पदोन्नति देने का क्या आधार है_
(ख) क्या यह सच है कि किन्हीं भारत सरकार के मुद्रणालयों में कुछ विभागीय कर्मचारी जिन्होंने रीडर की परीक्षा पहले उत्तीर्ण कर ली थी तथा जूनियर रीडर के ग्रेड में पहले ही आ गए थे, जूनियर रीडर ग्रेड में ही नही अपितु सीनियर रीडर ग्रेड में भी उन कर्मचारियों से अधिक्रमित हो गए हैं जिन्होंने बाद में जूनियर रीडर के ग्रेड में प्रवेश किया_
(ग) क्या यह सच है कि कुछ अर्हताप्राप्त कापी होल्डरों जिन्होने जूनियर रीडर की कुल सेवा अधिक समय तक कर ली है, को जूनियर रीडर ग्रे्रड में दन कर्मचारियों की तुलना में जूनियर घोषित किया गया है जिनकी जूनियर रीडर के रूप में कुल सेवा अपेक्षाकृत कम है और वे रीडर की उस परीक्षा में असफल रहे जिसमें उन्होंने जूनियर रीडर के पद पर अधिक समय तक काम किया_
(घ) क्या यह सच है कि उन कापी होल्डरों को वरिष्ठ समझा गया है जिन्होने कॉपी होल्डर के पदों में कुल सेवा अपेक्षाकूत अधिक समय तक की है_ और
(घ) क्या माननीय सदस्य इस बात की वांछनीयता पर विचार करने का प्रस्ताव करते हैं कि जूनियर रीडर के ग्रेड में कुल सेवा की अवधि के आधार पर वरीष्ठ रीडर के पदों को भरा जाए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) हेड रीडर के पद को ‘चयन पद’ घोषित किया गया है, इस पद के अलावा एक ग्रेड से दूसरे ग्रेड में रीडरों की पदोन्नति का आधार वरिष्ठता तथा कार्यदक्षता है।
(ख) और (ग) जी हां, ऐसे मामलों में वरिष्ठ कॉपी होल्डरों ने अपने उन जूनियरों के स्थायी होने से पूर्व रीडर की परीक्षा में अर्हता प्राप्त कर ली है जिन्होंने पहले ही परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। परीक्षा अर्हता प्राप्त करने के लिए होती है, परीक्षा में उत्तीर्ण होना ऐसा कारक नहीं हैं जबकि सेवाकाल ही ऐसा कारक है जो रीडरों के रूप में नियुक्ति के प्रयोजन के लिए वरिष्ठता निर्धारित करता है।
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 3, 1946, 12 मार्च, 1946, पृष्ठ 2240