विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 109
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ऽराय साहिब सी. पी. मलिक की अधीक्षक
इंजीनियर के पद पर स्थानापन्न पदोन्नति
907. डॉ सर जियाउद्दीन अहमद ः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि राय साहिब सी. बी. मलिक को अधीक्षक इंजीनियर के पद पर काम करने के लिए आदेश दिया गया और इस संबंध में 28 फरवरी, 1946 को पूछे गए तारांकित प्रश्न के अपने उत्तर के संदर्भ में यह बताया गया कि एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को बिना नियुक्ति दिए अधीक्षक इंजीनियर का काम कराने की क्या विशेषता थी_
(ख) क्या ऐसा व्यक्ति जिसे अधीक्षक इंजीनियर का काम सौंपा जाता है, अपने एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की स्थायी नियुक्ति से संबंधित कर्त्तव्य निभाता है_ यदि हां तो क्या वह एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की रिपोर्ट अधीक्षक इंजीनियर को स्वयं ही अपने पास भेजता है_ यदि नहीं तो उसकी रिपोर्ट किसे भेजी जाती और यदि ऐसा नहीं है तो क्या सदस्य नियुक्ति और काम को निभाते रहने में अंतर की व्याख्या करेंगे?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) और (ख) इस प्रंबंध की व्यवस्था यह है कि वह अधिकारी अधीक्षक इंजीनियर के पद का वेतन नहीं लेता परन्तु वह अपने एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के कर्त्तव्यों के अतिरिक्त अन्य पद के नेमी कर्त्तव्यों के वर्तमान चार्ज को संभालने के लिए कुछ अतिरिक्त भत्ता आरक्षित करता है। एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद की उसकी रिपोर्ट अगले उच्च अधिकारी अर्थात मुख्य इंजीनियर को प्रस्तुत की जाती है।
इस प्रबंध को प्रशासनिक नियमों और प्रथा की पूर्ण स्वीकृति प्राप्त है।
# केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के प्रशासकीय विभाग में 412
कतिपय पदों के लिए मुसलमानों को खोजने के लिए प्रयत्न
908. डॉ सर जियाउद्दीन अहमद ः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या उन्होंने अनुसूचित जाति के किसी व्यक्ति को प्रशासकीय अधिकारी का पद स्वीकार करने के लिए कहा है_ यदि हां तो वह कौन व्यक्ति था और उसने क्या उत्तर दिया_
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 3, 1946, 12 मार्च, 1946, पृष्ठ 2244 # वही।