413 कोयला खानों में बेरोजगार महिलाओं का रोजगार - Page 125

110 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(ख) क्या माननीय सदस्य ने इस बात का प्रयत्न किया कि उपयुक्त मुस्लिम उम्मीदवार की खोज की जाए_

(ग) क्या माननीय सदस्य ने यह निर्णय िंकया है कि केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के सभी पदों को हिन्दुओं और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों से भरा जाए? यदि नहीं तो माननीय सदस्य ने ऐसे कौन से कदम उठाए हैं कि प्रशासकीय अधिकारी के पद को भरने के लिए उपयुक्त अधिकारी खोजा जाए।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) नहीं। यह प्रश्न नहीं उठता।

(ख) यह प्रश्न नहीं उठता।

(ग) कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस पद के भरे जाने का प्रश्न विचाराधीन है।

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ऽकोयला खानों में बेरोजगार महिलाओं का रोजगार

1008. प्रोफेसर एन. जी. रंगा ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि-

(क) उन महिलाओं को जो कोयला खानों में कार्य करती थी और पहली फरवरी से बेरोज़गार हो गई हैं वैकल्पिक रोज़गार दिलाने के लिए क्या कोई प्रयास किए जा रहे हैं और यदि हां तो वे क्या हैं_

(ख) सरकार नियोक्ताओं को यह अनुमति क्यों देती है कि ठेकेदारों की सेवाओं का उपयोग किया जाए ताकि उनमें से कुछ बेरोजगार महिलाओं को कुछ काम दिया जाए_

(ग) इन ठेकेदारों द्वारा इन महिलाओं को कितनी मजदूरी दी जाती है_ और

(घ) सरकार इन महिलाओं के परिवारों को निःशुल्क अतिरिक्त आधा सेर चावल, निःशुल्क आधा सेर दूध तथा चावल और दाल की खरीद में रियायत देने से क्यों इन्कार करती है जबकि इन परिवारों के पुरूष सदस्य खानों में काम करते हैं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) माननीय सदस्य का ध्यान 25 फरवरी, 1946 को तारांकित प्रश्न संख्या 466 के भाग (ख) के दिए गए उत्तर की ओर आकर्षित किया जाता है।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1946, 15 मार्च, 1946, पृष्ठ 2458