विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 115
और केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग, नई दिल्ली के विशेष डिवीजन संख्या I को गत तीन वर्ष में वर्तमान एक्जीक्यूटिव इंजीनियरों अथवा उनके पूर्वाधिकारी द्वारा मुसलमान और गैर-मुसलमान ठेकेदारों की दिए गए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः पूछी गई सूचना तत्काल उपलब्ध नहीं है तथा इसके एकत्र करने में जो समय और श्रम लगेगा वह परिणाम के अनुरूप नहीं होगा।
सेठ यूसुफ अब्दुल्ला हारून ः मैं माननीय श्रम सदस्य से यह जान सकता हूं कि वह यह सूचना बताने के लिए तैयार क्यों नहीं है? मेरे पास निश्चित सूचना है कि इस ब्रांच में मुसलमानों को दिए गए ठेके बहुत ही कम हैं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः यदि मेरे माननीय मित्र के पास सूचना है तो मैं नही जानता कि वह मुझे कष्ट क्यों दे रहे हैं।
सेठ यूसुफ अब्दुल्ला हारून ः मैं माननीय श्रम सदस्य को इसलिए कष्ट दे रहा हूं कि हमारे हितों की हानि हो रही है तथा माननीय सदस्य के विभाग द्वारा मुसलमानों की अवहेलना की जा रही है और उस मामले को सदन के समक्ष बताना चाहता हूं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मुझे अपने दिए गए उत्तर में कुछ भी नहीं जोड़ना है।
सेठ सूसुफ अब्दुल्ला हारून ः क्या माननीय श्रम सदस्य कोई मार्ग अपनाएंगे कि बाद में यह सूचना सदन के पटल पर रख दी जाए।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं ऐसा नहीं कर सकता।
श्री श्रीप्रकाश ः क्या माननीय सदस्य से नाराज़ हैं?
सभापति महोदय ः शान्ति, शान्ति। अगला प्रश्न।
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ऽनई दिल्ली में इस्टर्न और वैस्टर्न हाउसेस
की भारत सरकार द्वारा बिक्री
1131. सेठ गोविंद दास ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि-
(क) क्या सरकार ने 4 फरवरी, 1946 के हिंदुस्तान टाइम्स में समाचार देखा है कि ह्नाइट हाल भारत सरकार पर यह दबाव डाल रहा है कि वह कर्जन रोड और अशोक
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1946, 21 मार्च, 1946, पृष्ठ 2689