418 सरकारी मुद्रणालय, अलीगढ में हड़ताल की धमकी - Page 132

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 117

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) जी हां।

(ख) जी हां, कर्मचारियों के कुछ वर्ग।

(ग) जी हां।

(घ) इन शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है। इस संबंध में माननीय सदस्य का ध्यान 12 मार्च, 1946 को पूछे गए तारांकित प्रश्न संख्या 896 के उत्तर की ओर आकर्षित किया जाता है।

प्रो एन. जी. रंगा ः इस प्रश्न के भाग (ख) के संदर्भ में इन कामगारों में से कितने कामगारों को केवल 12 या 14 या 15 रुपये प्रतिमास दिए जाते हैं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मुझे आशंका है कि मेरे पास यहां तथ्य नहीं है।

प्रो एन. जी. रंगा ः क्या सरकार का यह प्रस्ताव है कि उन लोगों के वेतन बढ़ाए जाएं जिन्हें इतना कम वेतन दिया जाता है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मेरे माननीय मित्र जानते हैं कि सरकार ने वेतन आयोग नियुक्त किया है जो सामान्यता ऐसे मामले की जांच करता है।

डॉ. सर जियाउद्दीन अहमद ः क्या माननीय सदस्य इस तथ्य से अवगत हैं कि अलीगढ़ विश्वविद्यालय कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों मे से एक कर्मचारी को 30 रुपये प्रतिमास का न्यूनतम वेतन देता है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं इस सूचना के लिए माननीय मित्र को बधाई देता हूं।

डॉ. सर जियाउद्दीन अहमद ः यह मेरे लिए बधाई अथवा आपके लिए संवेदना का प्रश्न नही है- यह रहन-सहन का न्यूनतम मानक है- हम अपने कर्मचारियों को भूखा नहीं रख सकते।

प्रो एन. जी. रंगा ः सरकार के लिए यह क्यों आवश्यक है कि जब तक विशेष आयोग भारत सरकार के सभी कर्मचारियों और सेवकों के सामान्य रूप से वेतन के बारे में रिपोर्ट दे तब तक क्या सरकार 12, 14, और 15 रुपयें प्रतिमास वेतन में वृद्धि के लिए क्यों नहीं सोच सकती?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः सरकार का इरादा है कि किसी भी समान सिद्धांत पर अपनी सामान्य नीति बनानी चाहिए और वह नीति तब तक कार्यन्वित नहीं की जा सकती जब तक आयोग द्वारा इस मामले की जांच न कर ली जाए।

सेठ गोविन्द दास ः किस तारीख से इस आयोग की रिपोर्ट आने वाली है?