118 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं यह बताने में असमर्थ हूं परन्तु सरकार इस मामले को शीघ्र निपटाने का विचार रखती है।
सेठ गोविन्द दास ः उस समय तक इन लोगों को भूखा मरना है। क्या सरकार का विचार है कि उस समय तक इन लोगों को 12 या 14 या 15 रुपये प्रतिमास मिलना चाहिए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः सरकार ऐसा कोई इरादा नही है।
श्री मोहन लाल सक्सेना ः क्या सरकार उन्हें कुछ अस्थायी राहत देने पर विचार कर रही है जब तक कि सिफारिशें प्राप्त न हों?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः जैसा कि मैने पहले ही कहा है, सरकार इन शिकायतों पर ध्यान दे रही है।
श्री मोहन लाल सक्सेना ः क्या सरकार इस तथ्य से अवगत नही है कि अन्य स्थानों में मुद्रणालय के कर्मचारी हड़ताल पर है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः जी हां, ऐसा ही है परन्तु मैं समझता हूं कि वे अन्यत्र काम कर रहे हैं।
श्री मोहन लाल सक्सेना ः क्या माननीय सदस्य यह देखेंगे कि उन्हे अस्थायी रूप से राहत दी जाए, उससे पूर्व वे हड़ताल करने पर बाध्य हो जाएं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं कोई भी समय-सीमा नहीं दे सकता।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः क्या यह सच नहीं है कि फ्सक्रिय विचार के अन्तर्गतय् जैसे शब्द प्रायः यह बताते हैं कि इसमें कोई, समय की सीमा नहीं है जैसा कि मेरे माननीय मित्रों का संबंध है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं ऐसा विचार नहीं करता।
419
ऽकोयला खानों में महिला कामगारों
के लिए सतह पर कार्य
1138. प्रो एन. जी. रंगा ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बतानें की कृपा करेंगे किः
(क) कोयला खानों के भूमिगत स्थलों से हटाई गई बीस हजार महिलाओं में से कितनी महिलाओं को सतह पर काम पर लगा दिया गया है_
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1946, 21 मार्च, 1946, पृष्ठ 2696