419 कोयला खानों में महिला कामगारों के लिए सतह पर कार्य - Page 134

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 119

(ख) क्या माननीय सदस्य उस बात की जांच करेंगे कि प्रांतीय रेलवे कोयला

खानों के भूमिगत स्थलों से हटाई गई महिलाओं में से कितनी महिलाओं को पूर्ण रूप से स्थायी आधार पर काम पर रखा गया है और ऐसी कितनी महिलाएं हैं जिन्हें प्रति सप्ताह छः दिन का काम दिया गया है_ और

(ग) 25 फरवरी, 1946 को पूछे गए तारांकित प्रश्न संख्या 466 के उत्तर में बताई गई कल्याण निधि द्वारा कितनी महिलाएं काम पर लगाई जाने वाली है और कितनी महिलाएं प्रांतीय सरकारों द्वारा काम पर लगाई जाने वाली हैं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) सही आंकड़े प्राप्त नहीं है परन्तु कोयला खानों के भूमिगत स्थलों से हटाई गई महिला कामगारों में से लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को सतह पर काम उपलब्ध करा दिया गया है। शेष 50 प्रतिशत महिलाओं में से लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं अपने गांवों को चली गई हैं जबकि बची हुई महिलाओं में कुछ महिलाएं कोयला खानों में बैठी हुई है क्योंकि वे ठेके का कार्य यथा कोयलों की लदाई को नहीं करना चाहतीं।

(ख) प्रान्तीय रेलवे कोयला खानों से हटाई गई सभी महिलाओं को पूर्ण रूप से स्थायी आधार पर सतह पर काम दे दिया गया है_ 1060 महिलाओं को 6 दिन प्रति सप्ताह के आधार पर काम पर लगा लिया गया है।

(ग) अभी तक कल्याण निधि द्वारा किसी भी महिला को काम पर नहीं लगाया गया है परन्तु झीरिया और रानीगंज कोयला क्षेत्रों में साग-सब्जी के उद्यान और फार्म स्थापित करने के लिए स्थल चुन लिए गए हैं और इन स्थलों के लेने के बाद भूमिगत स्थलों में काम करने वाली हटाई गई महिलाओं को कल्याण निधि द्वारा फ्मालीय् के रूप में काम पर लगा लिया जाएगा। ऐसी महिलाओं की संख्या इस समय विदित नहीं है जिन्हें प्रांतीय सरकारों द्वारा नियुक्त किया जाएगा।

प्रो एन. जी. रंगा ः ऐसी महिलाओं के संबंध में जो घर पर रुकना चाहती हैं क्योंकि वे ठेके के कार्य की शर्तों पर काम नहीं करना चाहतीं, सरकार क्या कदम उठा रही है कि उन ठेकेदारों की मध्यस्थता के बिना इन महिलाओं को कुछ रोजगार देकर उनकी सहायता की जाए?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं तुरंत उत्तर नहीं दे सकता।

प्रो एन. जी. रंगा ः इन ठेकेदारों की मध्यस्थता के बिना सरकार कार्य उपलब्ध कराने में क्यों असफल रहती है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः यह पद्धति प्रांतीय रेलवे कोयला खानों में अधिक समय से चल रही है।