विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 137
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ऽइंडियन स्कूल ऑफ माइन्स में हड़ताल
1265. श्री एम. अनन्तशायनम अय्यंगर ः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स में हड़ताल हुई है_
(ख) क्या हड़ताल समाप्त हो गई है_
(ग) क्या यह सच है कि हाल ही में विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने माननीय सदस्य से भेट की_
(घ) क्या यह सच है कि इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स के स्नातक (ग्रेजुएट) को कोयला खान विनियम द्वारा अनुमति नहीं दी जाती कि वे कोयला खानों में कोई उत्तरदायी पद पर काम करें_
(घ) क्या सरकार कोयला खान विनियम में संशोधन करने के औचित्य पर विचार करना चाहेगी ताकि इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स के डिप्लोमा को दक्षता के द्वितीय श्रेणी
खान प्रबंधक प्रमाणपत्र के समकक्ष समझा जाए यदि कोयला खानों में डिप्लोमाधारक एक वर्ष का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर लें? यदि नहीं तो क्यों नहीं_ और
(च) सरकार ऐसे कौन-कौन से उपाय कर रही है ताकि विद्यार्थियों की शिकायतों का निराकरण हो जाए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) जी हां।
(ख) जी हां।
(ग) जी हां।
(घ) जी हां। इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स के प्रमाण-पत्र अथवा डिप्लोमा-धारक को कोयला खान में उत्तरदायी पद पर नियुत्तिQ पाने से पूर्व द्वितीय श्रेणी अथवा प्रथम श्रेणी में कोयला खान प्रबंधक का प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेना चाहिए।
(घ) और (च) यह मामला विचाराधीन है। सरकार इस सीमा-तक विचार कर रही है कि खान अधिनियम के अन्तर्गत विनियम कहां तक परिवर्तित किए जाएं कि
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1946, पृष्ठ 2981