विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 141
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ऽकेन्द्रीय लोक निर्माण विभाग, नई दिल्ली
के बागवानी डिवीजन द्वारा ठेके पर दिए गए
निर्माण-कार्य
1381. श्री अहमद ई. एच. जफर ः क्या माननीय श्रम सदस्य सदन के पटल पर ऐसा तुलनात्मक विवरण रखेंगे जिसमें ( i ) टेंडर और ( ii ) वर्क आर्डर द्वारा अलग-अलग मुसलमानों, हिन्दुओं और अनुसूचित जाति के उन ठेकेदारों को दिए गए निर्माण कार्य दिखाए गए हों जिन्होंने मौजूदा अधीक्षक, बागवानी आपरेशन, नई दिल्ली द्वारा 1 नवम्बर, 1943 से 28 फरवरी, 1946 की अवधि के दौरान केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग, नई दिल्ली के बागवानी डिवीजन में काम किया है_
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः पूछी गई सूचना तत्काल उपलब्ध नहीं है तथा इसके संग्रह के लिए समय तथा श्रम का मूल्य परिणाम के मूल्य की तुलना में अधिक होगा।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः इसका क्या कारण है कि वह सूचना तत्काल उपलब्ध नहीं है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः यह सूचना ऐसे रूप में उपलब्ध नही है जैसा कि मेरे माननीय मित्र ने जानना चाहा है।
प्रोफेसर एन. जी. रंगा ः क्या कोई ऐसा प्रयत्न किया जा रहा है कि अनुसूचित जाति के ठेकेदारों को अपने भाग को प्राप्त करने के लिए अतिरित्तQ अवसर प्रदान किए जाएं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः वे दिए गए नियमों के अनुसार अपना भाग प्राप्त कर सकते हैं।
प्रोफेसर एन. जी. रंगा ः अनुसूचित जाति के बहुत कम ठेकेदार हैं क्योंकि अनुसूचित जाति के लोग गरीब हैं।
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1946, 29 मार्च, 1946, पृष्ठ 3133