438 नई दिल्ली में क्वार्टरों के निर्माण के लिए सरदार शोभा सिंह को सामान की सप्लाई - Page 162

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 147

(घ) सरकार इस बात से अवगत है कि कुछ अधिकारी इन नियमों द्वारा पक्षपातपूर्ण ढ़ग से प्रभावित हुए हैं परन्तु इस प्रकार स्थानान्तरण के मामलों को न्यूनतम स्थिति तक घटाने से प्रशासन की दक्षता प्राप्त करने हेतु बनाए गए नियमों के कार्यान्वयन में ऐसा करना आवश्यक है।

(च) सरकार इस संबंध में नियमों को बदलने का विचार नही रखती।

438

ऽनई दिल्ली में क्वार्टरों के निर्माण के लिए

सरदार शोभा सिंह को सामान की सप्लाई

1390. श्री एम. अनन्तशायनम अय्यंगर ः (क) माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि यह सच है कि सरदार शोभा सिंह को नई दिल्ली में क्वार्टर बनाने के लिए सरकार द्वारा सामग्री सप्लाई की गई थी_

(ख) सप्लाई किए गए समान की क्या लागत है और यह व्यय किस प्रबंध के अन्तर्गत किया गया है_

(ग) उन्होंने कितने फलैट बनाये_ प्रत्येक फलैट का किराया क्या है, इनमें से कितने फलैटों को किराये पर दे दिया गया है और कितने फलैट खाली हैं_ और

(घ) क्या सरकार कोई राजसहायता प्रदान करती हैं_ यदि हां तो उसका तरीका क्या है और सरदार शोभा सिंह को किस प्रकार यह राजसहायता प्रदान की जाती है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) मेरा अनुमान है कि माननीय सदस्य कार्नवालिस रोड औश्र हुमायूं रोड, नई दिल्ली के चौराहे के समीप आवासीय फलैटों का उल्लेख कर रहे हैं जिन्हें एस.बी सर शोभा सिंह ने बनाया है। यदि हां तो मेरा उत्तर सकारात्मक है।

(ख) सप्लाई की गई सामग्री की लागत लगभग 1 ½ लाख रुपये है। ठेकेदार को सप्लाई की गई सामग्री की पूरी लागत अदा करनी है।

(ग) अभी तक निर्मित फलैटों की संख्या 72 है। दो प्रकार के फलैट हैं। एक दो बेडरूम फलैट और दूसरे एकल बेडरूम फलैट हैं। प्रथम प्रकार के फलैट का किराया 220 रुपये प्रतिमास निर्धारित किया गया है और दूसरे प्रकार के फलैट का किराया

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1946, 29 मार्च, 1946, पृष्ठ 3141