148 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
175 रुपये प्रतिमास निर्धारित किया गया है। अभी अस्थायी किराया निर्धारित किया गया है क्योंकि अभी तक मकान मालिक ने इन फलैटों के निर्माण की पूरी लागत की सूचना नहीं दी है। इन 72 फलैटों में से सरकार ने 65 फलैटों से कुछ अधिक फलैट ले लिए हैं और इनमें से 59 फलैटों में लोग रहने लगे हैं और 6 फलैट प्रतीक्षागत सूची में दिए गए अधिकारियों को आवंटित किए गए हैं।
(घ) नहीं।
प्रोफेसर एन. जी. रंगा ः सरकार ठेकेदारों के राजकुमार सरदार बहादुर सर शोभा सिंह के प्रति इतनी उदार क्यों हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं इसमें कोई उदारता नहीं देखता।
प्रोफेसर एन. जी. रंगा ः क्या यह सच नही है कि उन्हें अन्य कई ठेकेदारों की तुलना में वरीयता दी गई है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः जी नहीं, श्रीमन्।
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ऽहजारी बाग की अभ्रक की खानों के
कामगारों के लिए आवश्यक वस्तुओं और
अन्य सुविधाओं की आपूर्ति
1409. श्री एस.जे.टी. सेठ दामोदर स्वरूपः क्या माननीय श्रम मंत्री यह बताने की कृपा करेंगेः
(क) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि हजारी बाग की अभ्रक की खानों में कामगारों के लिए जल की उपयुत्तQ व्यवस्था नहीं है और उनके लिए चिकित्सीय सहायता भी उपलब्ध नहीं है जबकि यह सच है कि यह क्षेत्र महामारी रोग से ग्रस्त है_
(ख) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि रहन-सहन की लागत छः से नौ गुनी हो गई है, कोई भी महंगाई भत्ता अथवा अन्य कोई भत्ता कामगारों को नहीं दिया जाता तथा ऐसे समय में नियंत्रित भाव पर चावल और अन्य खाद्यान्न की बिक्री के
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1946, 29 मार्च, 1946, पृष्ठ 3157