विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 149
उपयुत्तQ प्रबंध नही हैं जब बाजार से खाद्यान्न बिल्कुल ही गायब हो चुके हैं_ और
(ग) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि उस स्थान के सब-डीविजनल अधिकारी ने चावल की बिक्री के लिए प्रति रुपया दो सेर तथा चार छटॉक चावल देने का आदेश दिया है जबकि चावल का नियंत्रित भाव प्रति रुपया तीन सेर तथा आठ छटॉक है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) जल-आपूर्ति के प्रबंध संतोषजनक नहीं है और अब जो चिकित्सीय सहायता दी जाती है, वह भी पर्याप्त नहीं है। इसमें सुधार की गुंजाइश है जिसके बारे में सरकार को आशा है कि निकट भविष्य में विधान द्वारा यह कार्य पूरा किया जाएगा।
(ख) जहां तक सरकार इस तथ्य से अवगत है, कुछ मामलों में मंहगाई भत्ता शामिल करने के लिए मजदूरी बढ़ा दी गई है जबकि कुछ महत्वपूर्ण संस्थाएं मजदूरी के अलावा मंहगाई भत्ता भी देती हैं।
(ग) नियंत्रित भाव पर चावल और अन्य खाद्यान्न की बिक्री के उचित प्रबंध के लिए प्रांतीय सरकार उत्तरदायी है और मेरा सुझाव है कि माननीय सदस्य यह मामला प्रांतीय सरकार के साथ उठाएं।
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ऽहजारी बाग की अभ्रक की खानों के
कामगारों की शिकायतें
1410. श्री एस.जे.टी. सेठ दामोदर स्वरूप ः (क) क्या माननीय श्रम मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि संयुत्तQ अभ्रक मिशन द्वारा भुगतान की गई राशि हजारीबाग स्थित अभ्रक की खानों के कामगारों में कभी भी वितरित नहीं की गई_
(ख) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि फैक्ट्री के नियमों और विनियमों की अधिकांशतया अवहेलना अभ्रक खानों की कम्पनियों द्वारा की जाती है तथा कामगारों की मजदूरी में से दस्तूरी के नाम पर एक आना प्रति रुपये की कटौती की प्रथा अधिक आपत्तिजनक और अवैध है और यह प्रथा वहां खुलेआम प्रचलित है_ और
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1946, 29 मार्च, 1946, पृष्ठ 3157