441 केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियोें से संबंधित ठेकेदारों को निर्माण कार्य देने पर प्रतिबंध - Page 165

150 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(ग) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि ऊपर बताई गई शिकायतों के संदर्भ में अभ्रक मजदूर संघ ने स्पष्ट रूप से हड़ताल का नोटिस दिया है, यदि तो सरकार ऐसे कौन से कदम उठा रही है जिससे कि मजदूरों की मांगों की पूर्ति की जाए और हड़ताल के खतरे को टाला जाए?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) यह स्पष्ट नहीं है कि माननीय सदस्य किस बात का उल्लेख कर रहे हैं। यदि उस कीमत पर अतिरिक्त लागत भत्ते का संदर्भ है जो संयुत्तQ अभ्रक मिशन सप्लायरों को भुगतान कर रहा था तो मैं माननीय सदस्य को यह सूचना दे सकता हूं कि भत्ते का वितरण विशुद्ध रूप से नियोत्तQओं और कामगारों के बीच का मामला था।

(ख) फैक्ट्रीज़ ऐक्ट और पेमेंट ऑफ वजेज़ ऐक्ट अभ्रक की फैक्टरियों पर लागू नहीं होता। माननीय सदस्य द्वारा बताई गई अवैध व्यवहार के प्रचलन की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है। यदि सरकार का अभ्रक को केन्द्रीय नियंत्रण में लाने का प्रस्ताव कार्यान्वित किया जाता है और इस बारे में अभ्रक जांच समिति की सिफारिशें कार्यान्वित की जाती है तो मेरा विचार है कि यह प्रथा समाप्त हो जाएगी।

(ग) जी हां। यह मामला विचाराधीन है।

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ऽकेन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों से संबंधित ठेकेदारों को निर्माण कार्य देने पर प्रतिबंध

1411. बाबू राम नारायण सिंहः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि ऐसी वे क्या परिस्थितियां थीं जिनके कारण श्रम विभाग को परिपत्र ज्ञापन संख्या एन.एस. 21, दिनांक 14 नवम्बर, 1944 जारी करना पड़ा जिसके अनुसार केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों के संबंधियों को ठेके नहीं दिए जा सकते_

(ख) क्या वह इस बात से अवगत हैं कि इसके परिणामस्वरूप कई उच्च प्रतिष्ठित और पुराने ठेकेदारों को कठिनाई और असंतोष हुआ है_

(ग) क्या इस प्रकार के आदेश सरकार के अन्य विभागों में भी विद्यमान हैं_ यदि हां तो क्या माननीय सदस्य ऐसे आदेश की प्रति सदन के पटल पर रखेंगे_

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1946, 29 मार्च, 1946, पृष्ठ 3158