152 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(ख) यह तो अपनी-अपनी राय है।
(ग) जी हां, कुछ मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों को लाभ नहीं पहुंचा परन्तु ऐसे अनेक अधिकारियों को छेड़ने का कोई पर्याप्त कारण नही है जो पहले ही से ऐसे क्वार्टरों में रह रहे हैं।
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ऽनिचले वर्ग के आवास को उच्च वेतनभोगी
कर्मचारियों को आवंटित करने के
कारण राजस्व में हानि
1413. बाबू राम नारायण सिहः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि नई दिल्ली के निचले प्रकार के लिपिकों के क्वार्टरों में रहने वाले उन अधिकारियों की संख्या क्या है जो ( i ) 600 रुपये प्रतिमास या इससे अधिक वेतन प्राप्त करने वाले अधिकारियों के लिए आरक्षित बंगलों, ( ii ) ‘ए’ और ( iii ) 600 रुपये प्रतिमास या इससे कम वेतन पाने वाले से अधिकारियों के लिए आरक्षित ‘बी’ वर्ग के क्वार्टर के आवंटन के हकदार हैं_
(ख) क्या वह इस तथ्य से अवगत हैं कि सरकार के किराए में भारी राशि की हानि उठानी पड़ती है क्योंकि ऐसे अधिकारियों को उस वर्ग का क्वार्टर आवंटित नहीं किया गया है जिसके पाने के लिए वे पात्र है अथवा उस वर्ग से एक वर्ग कम का क्वार्टर पा सकते हैं_ और
(ग) माननीय सदस्य सरकारी राजस्व में ऐसी हानि को रोकने के लिए क्या कदम उठाने का विचार रखतें हैं और क्या ऐसे प्रस्ताव हैं कि उच्च वर्ग के अधिक क्वार्टरों का निर्माण कराया जाए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) ( i ) 98, ( ii ) 57, ( iii ) 138
(ख) सरकार को कोई हानि नहीं हो रही है। निम्न प्रकार के क्वार्टरों में रहने वाले अधिकारियों को अधिकतम किराया देना पड़ता है और कोई भी क्वार्टर खाली नहीं रहते।
(ग) भाग I - प्रश्न नहीं उठता।
भाग II - यह मामला विचाराधीन है और अधिकारियों के लिए अधिक आवासीय गृहों की व्यवस्था कराने के सामान्य प्रस्ताव का एक भाग है।
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1946, 29 मार्च, 1946, पृष्ठ 3159