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162 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

की आवश्यकता पर ध्यान देंगे जो बेदखल किए जाएंगे और उन्हें वैकल्पिक भूखंड दिए जाएंगे जहां वे अपना कृषि कार्य करते रहेंगे।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मेरे मस्तिष्क में यह बात निश्चय ही है।

बाबू राम नारायण सिह ः क्या मैं यह जान सकता हूं कि उन्हें दो या तीन वर्ष का नोटिस दिया जाएगा जो अपने अधिकृत क्षेत्र में अपने घरों को छोड़ेंगे ताकि वे नए स्थलों में अपने घरों का निर्माण कर सकें और उन्हें अपने अधिकार में उस समय ले सकें जब उन्हें अपने मूल गृह छोड़ने पड़ेंगे?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं स्वयं किसी विशेष अवधि के लिए वचनबद्ध नहीं हो सकता परन्तु मैं यह कहने के लिए तैयार हूं कि हम निश्चय ही लम्बी अवधि का नोटिस देंगे।

बाबू राम नारायण सिह ः श्रीमन् क्या मैं यह जान सकता हूं कि क्या इस दामोदर घाटी विकास योजना के एक भाग के रूप में संथाल परगना जिला की नदियों पर कुछ बड़े बांध निर्मित किए जाने हैं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं इस अवस्था में यह नहीं बता सकता।

मौलाना जफर अली खां ः इस प्रश्न के भाग (ग) से उभरने वाले तथ्य के बारे में क्या मैं यह जान सकता हूं कि क्या यह सच है कि कई ग्रामीणों को असम में उनके आवास-गृहों से बाहर कर दिया गया है, उनके घर तोड़ दिए गए हैं, उन्हें अधिक असुविधा में डाल दिया गया है और उनकी भूमि भी उनसे ले ली गई है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं नही समझता कि यह बात इस प्रश्न के अन्तर्गत किस प्रकार आती है।

सभापति ः वह इस योजना के संबंध में कह रहे हैं।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः इससे असम बिल्कुल भी प्रभावित नही होता।

बाबू राम नारायण सिह ः क्या मैं यह जान सकता हूं कि इस योजना के संबंध में अंतिम रूप से निर्णय ले लिया गया है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः जी हां, श्रीमन्।

प्रोफेसर एन. जी. रंगा ः क्या यह बहु-प्रयोजन योजना नहीं है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः जी हां, श्रीमन्।