453 अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन में रखे गए भारतीयों की संख्या - Page 181

166 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः हमें आशा है कि हम किसी दिन सफल होंगे।

प्रोफेसर एन. जी. रंगा ः क्या यह सच नही है कि शासकीय निकाय में हमारी स्थिति कमजोर है जब कि तीन वर्ष पूर्व ऐसी स्थिति न थी?

माननीय दीवान बहादुर सर ए. रामास्वामी मुदालियर ः क्या मैं इस प्रश्न का उत्तर दे सकता हूं? मेरी स्मृति यह है कि सरकार और श्रम दोनों ही पक्षों की ओर से कई वर्ष तक प्रतिनिधत्व रहा। इस सदन में हमारे स्वर्गीय साथी श्री जोशी 10 या 12 वर्ष से अधिक अवधि के लिए शासकीय निकाय के सदस्य रहे। सर अतुल चटर्जी सरकार की ओर से शासकीय निकाय के सदस्य और एक अवसर पर शासकीय निकाय के अध्यक्ष रहे। वर्ममान उच्च आयुत्तQ सर सैम्युल रंगनाथन शासकीय निकाय के सदस्य हैं और गत अन्तर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन की शासकीय निकाय के संविधान निर्माता निकाय के अध्यक्ष रहे। इस समय जहां तक मेरा विश्वास है, शासकीय निकाय के अध्यक्ष के रूप में श्री जोशी के बाद गत एक वर्ष में कर्मचारियों का कोई भी प्रतिनिधि इस शासकीय निकाय का प्रतिनिधि नहीं रहा है। इस स्थिति में यही गिरावट आई है यदि इसे गिरावट कहा जाए। जहां तक सरकार का संबंध है, उच्च आयुत्तQ शासकीय निकाय के सदस्य होते हैं। मैं अन्य अश्वेत लोगों के बारे में कुछ भी नहीं कह सकता परन्तु निश्चय ही भारत सदैव ही सरकार और कर्मचारियों की ओर से शासकीय निकाय का सदस्य रहा है।

एस.जे.टी.एन.वी.गाडगिल ः क्या यह सच नहीं है कि शासकीस निकाय के संविधान में कुछ परिवर्तनों की सिफारिश की गई है और उन्हें सदन के पटल पर रख दिया गया है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः यह मामला उस प्रस्ताव के संबंध में विचार विमर्श करते समय विचार किया जाएगा जिसे मैं प्रस्तुत करूंगा।

दीवान चमल लाल ः माननीय सदस्य यह प्रस्ताव कब प्रस्तुत करेंगे?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः इसी समय के दौरान यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।

श्री एम. अनन्तशायनम आय्यंगर ः अब लीग ऑफ नेशन्स के समाप्त करने का प्रस्ताव है, क्या यह प्रस्ताव है कि भारतीय कोष से अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन को सीधे ही प्रस्ताव भेजा जाए?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं बता नही सकता। यह मामला अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के निर्णय के लिए है।