168 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(3) अंशदायी भविष्य निधि के नियमों में संशोधन ताकि उन्हें राज्य रेलवे भविष्य निधि के स्तर पर लाया जाए और सेवानिवृत्ति अथवा मृत्यु होने पर ग्रेच्युटी का दिया जाना।
(4) मंहगाई और युद्ध के भत्तों में वृद्धि।
(5) छुटट्ी के नियमों में संशोधन।
(6) कार्य करने के घंटों को 48 से घटाकर 40 घंटे प्रति सप्ताह किया जाना।
(7) रात की पारी में काम करने वाले व्यत्तिQयों को भत्ता।
(8) उजरती कामगारों को वर्ग के अनुसार दरों में वृद्धि।
(9) उजरती कामगारों को आकस्मिक अवकाश और छुटट्ी ।
(10) अस्थायी कामगारों को रखा जाना।
(ग) और (घ) सरकार के ध्यान में मांगें गत फरवरी में लाई गई। उसके बाद पांच मांगें आंशिक रूप में स्वीकार कर ली गई है और रियायतों की घोषणा कर दी गई है। प्रथम पांच मांगें केन्द्रीय सकारी कर्मचारियों के सभी वर्गों को प्रभावित करने वाली हैं तथा सामान्य प्रकार की है। अतः इन्हें समुचित विचार किए बिना स्वीकार नहीं किया जा सकता तथा वेतनभोगी कर्मचारियों के बारे में वेतन आयोग की सिफारिशों की प्रतीक्षा करनी होगी। सरकार ने नीचे दी गई अतिरित्तQ रियायतें सभी मुद्रणालय के कामगारों को दी हैं।
( i ) महंगाई और युद्ध के भत्तों को बढ़ी दरो पर 1 जनवरी, 1946 के बजाए पूर्व प्रभावी 1 जुलाई, 1944 से उन सभी कामगारों को दिया जाएगा जो अब ये भत्ते प्राप्त कर रहे हैं।
( ii ) महंगाई भत्ते की आधी राशि को ऐसे भत्ते प्राप्त करने वाले सभी कामगारों के उनकी पेन्शन की राशि की गणना करते समय वेतन समझा जाएगा।
( iii ) जो निम्न श्रेणी के कामगार हैं, उन्हें औसत वेतन की राशि की आधी पेन्शन मिलेगी।
सरकार का प्रस्ताव है कि विभिन्न भारत सरकार के मुद्रणालयों के अलग-अलग वर्गों में कार्यरत मुद्रणालय के कामगारों के वेतन तथा सेवा की शर्तों में मौजूदा विषमताओं के बारे में रिर्पार्ट करने के लिए एक विशेष कार्याधिकारी की नियुर्त्ति की जाए।
(घ) 775 ओद्योगिक कामगार इसमें अन्तर्ग्रस्त थे।