विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 175
श्री अहमद ई. एच. जफर ः माननीय सदस्य सदन मैं इस बात का खंडन करें और क्रोध में न आएं।
सभापति महोदय ः शांति, शांति। क्या माननीय सदस्य अपना आसन ग्रहण करेंगे? माननीय सदस्य का यह कहना ठीक नहीं है कि माननीय सदस्य का यह कहना ठीक नहीं है कि माननीय श्रम सदस्य ने क्रोध दिखाया है।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः क्या मैं यह पूछ सकता हूं कि माननीय सदस्य को क्रोध करने का अधिकार है जैसा कि वे प्रायः करते हैं।
डॉ सर जियाउद्दीन अहमद ः माननीय सदस्य ने कहा है कि वह ऐसे प्रश्नों का जोरदार विरोध करते हैं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैने कहा कि मैने जोरदार शब्दों मे अपने माननीय मित्र द्वारा दिए गये सुझाव का विरोध किया है कि यह राशि उस पार्टी के लिए व्यय की गई है जिसका मैं सदस्य हूं। मैं भारतीय श्रम संघ (इंडियन लेबर फेडरेशन) का सदस्य नहीं हूं।
सभापति महोदय ः मैं डॉ सर जियाउद्दीन की आपत्ति को ठीक से नहीं समझ पाया।
डॉ सर जियाउद्दीन अहमद ः क्या माननीय सदस्य यह कह सकेंगेः फ्मैं किसी भी विशेष प्रश्न का जोरदार विरोध करता हूं।य्
दीवान चमन लाल ः क्या मैं यह पूछ सकता हूं कि क्या यह सच है कि यह राशि भारतीय श्रम संघ (इंडियन फेडरेशन ऑफ लेबर) के प्रचार के लिए व्यय की गई थी?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं नही बता सकता। जहां तक सरकार की सूचना है, इसे उसी प्रयोजन के लिए व्यय किया गया जिसके लिए यह स्वीकृत की गई।
दीवान चमन लाल ः क्या मैं अपने माननीय मित्र से पूछ सकता हूं कि क्या यह सच है कि अखिल भारतीय व्यापार संघ कांग्रेस (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस) जैसी इमानदार और श्रेष्ठ संस्था ने इस राशि में से एक पैसा तक व्यय करने से इनकार कर दिया?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मेरे माननीय मित्र को यह अधिकार है कि वे कुछ संस्थाओं के बारे में अपनी राय रखें।