176 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
दीवान चमन लाल ः क्या यह सच है कि इस मामले में माननीय मित्र ने अखिल भारतीय व्यापार संघ कांग्रेस (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस) से यह राशि न छूने के लिए आग्रह किया है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः हमने सभी संगठनों से आग्रह किया है। यह सामान्य परिपत्र था जो सभी संगठनों को संबोधित किया गया था कि यदि वे श्रमिकों के नैतिक बल की चिन्ता करते हैं और उसे बनाए रखने की कोई योजना रखते हैं तो भारत सरकार इस संबंध में सहायता देने को तैयार है। भारत सरकार ने किसी भी विशेष संगठन को इस योजना में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित नहीं किया है।
दीवान चमन लाल ः क्या यह सच है कि केवल एक संगठन था जिसे माननीय सदस्य से आग्रह किया और इस राशि का उपयोग किया। क्या यह संगठन भारतीय श्रम संघ (इंडियन फेडरेशन ऑफ लेबर) था?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः जी हां।
श्री अहमद ई. एच. जफर ः क्या माननीय सदस्य अब इस निर्णय से संतुष्ट है जो कई पूरक प्रश्नों के फलस्वरूप लिया गया है कि इस राशि का समुचित रूप से उपयोग नहीं किया गया और राशि के व्यय के बारे में संदेह है। इस दृष्टि से क्या माननीय सदस्य एक गैर सरकारी लेखापरीक्षक नियुक्त करेंगे जो इस राशि के लेखाओं की जांच करेंगे?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं नहीं समझता कि यह आवश्यक है। यह मामला उस लोक लेखा समिति के समक्ष लाया जाएगा जिसे सदन द्वारा नियुत्तQ किया गया है।
दीवान चमन लाल ः क्या मैं यह पूछ सकता हूं कि माननीय सदस्य को यह मामला लोक लेखा समिति के समक्ष रखने में देर क्यों हुई?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः इसमें देर नहीं की गई है।
दीवान चमन लाल ः ................ क्या इस बात पर विचार किया गया है कि यह गत वर्ष बंद कर दिया गया था?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः इसमें देर नहीं की गई। इसे लोक लेखा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
दीवान चमन लाल ः अभी तक इसे लोक लेखा समिति के समक्ष क्यों नही रखा गया?
सभापति महोदय ः अगला प्रश्न कीजिए।