461 केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग में मुसलमान - Page 197

182 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मेरे माननीय मित्र को ऐसी राय बनाए रखने का अधिकार है।

डॉ सर जियाउद्दीन अहमद ः हमारा मत यह है कि पूरा विभाग अधिक अक्षम है। जहां तक अन्य नियुत्तिQयों की सूची का संबंध है जो वह एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पदों के बारे में रखते हैं, उनमें कोई भी मुसलमान नहीं हैं।

सभापति महोदय ः शान्ति, शान्ति। क्या माननीय सदस्य अपना प्रश्न पूछेंगे?

डॉ सर जियाउद्दीन अहमद ः मैं यह प्रश्न पूछता हूं। क्या यह सच नहीं है कि अब जो सूची तैयार की गई है, उस सूची में मुसलमानों में से किसी की भी नियुत्तिQ नहीं की गई है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मेरे माननीय मित्र यह कैसे जानते हैं? यह सूची मेरे पास नहीं आई है।

डॉ सर जियाउद्दीन अहमद ः निष्कर्ष यह है कि कोई भी नियुक्ति के लिए मुसलमान को नहीं चुना गया है।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं नही समझता हूं कि मेरे माननीय सदस्य यह कैसे कह सकते हैं। सरकार ने कोई कार्रवाई नही की है।

सभापति महोदय ः शान्ति, शान्ति।

डॉ सर जियाउद्दीन अहमद ः क्या माननीय सदस्य इस बात से इन्कार कर सकते हैं कि उस सूची से कोई भी मुसलमान उम्मीदवार नहीं है जो उन्होने अधीक्षक इंजीनियर की नियुक्ति के लिए तैयार की है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः जैसा कि मैने कहा था, मेरे पास सूची नहीं है। यह फाईल मुझे नहीं भेजी गई है। माननीय मित्र को उस समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी जब तक विभाग कार्रवाई न कर ले और उसके बाद ही वह आलोचना कर सकते हैं।

डॉ सर जियाउद्दीन अहमद ः उस समय तक बहुत देर हो जाएगी।

सभापति महोदय ः शान्ति, शान्ति।

श्री अहमद ई. एच. जफर ः क्या माननीय सदस्य इस बात को मानने के लिए तैयार है कि जी.आर. गृह विभाग, 1934 के अन्तर्गत मुसलमानों का 25 प्रतिशत कोटा आरक्षित है जबकि अधीक्षक इंजीनियरों तथा अन्य पदों पर मुसलमानों की नियुत्तिQ का प्रतिशत 25 प्रतिशत से भी कम है और यदि हां तो क्या माननीय सदस्य इस कोटे को बनाए रखने के लिए कदम उठाएंगे?