विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 5
(ख) क्या वह इस तथ्य से भी अवगत हैं कि उनमें से अनेक मजदूर अब भी विभिन्न रोगों से पीडि़त हैं_
(ग) क्या यह सत्य है कि उनके उपचार के लिए अभी तक उपयुत्तQ प्रबंध नहीं किए गए हैं_
(घ) यदि भाग (क) से (ग) तक के उत्तर सकारात्मक हैं तो क्या वह इस प्रस्ताव पर विचार करना चाहेंगे कि इन अभागे मजदूरों की कठिनाइयों को संबंधित प्राधकारियों के पास आवश्यक समाधान के लिए भेजा जाए_ और
(घ) यदि भाग (क) से (ग) तक के उत्तर नकारात्मक हैं तो क्या वह जांच-पड़ताल कराना चाहेंगे और इस जांच पड़ताल के परिणाम सभा के पटल पर रखना चाहेंगे?
माननीय डा. बी. आर. अम्बेडकरः (क) असम के उन अस्वस्थकर जंगलों में जहां युद्ध के कार्य चल रहे हैं_ मलेरिया और कुछ अन्य रोग हो जाते हैं इसलिए कुछ मजदूर इन परियोजनाओं से अस्वस्थ होकर लौट आए। इसलिए इन रोगों के कारण जिन व्यक्तियों की मृत्यु हुई उन्हें भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से अनुग्रह राशि अदा की गई क्योंकि कामगार मुआवजा अधिनियम के अधीन ऐसे तमाम मामलों में भुगतान करने की कोई व्यवस्था नहीं है। मुआवजा उन मजदूरों को भी दिया जाता है जो उन परियोजनाओं से लौटकर ऐसे रोगों से ग्रस्त होकर मर जाते हैं जो परियोजना स्थलों पर लगे थे।
(ख) सरकार के पास कोई सूचना नहीं है।
(ग) चाय बागान को लौटने वाले मजदूर ठीक उसी प्रकार चाय बागान के चिकित्सालयों में उपचार पाते हैं जैसा कि चाय बागान के मजदूर अपना उपचार कराते हैं और जो मजदूर गांव लौट जाते हैं, वे स्थानीय चिकित्सालयों में अपना उपचार करा सकते हैं। ऐसे मजदूरों के मामले में कोई अन्य चिकित्सीय प्रबंध व्यावहारिक नहीं हैं जो व्यक्तिगत रूप से अपने बागों और गाँवों में लौट आते हैं।
(घ) भाग (क), (ख) और (ग) के उत्तरों की दृष्टि से यह प्रश्न नहीं उठता।
(घ) पता किए गए तथ्यों को पहले ही बता दिया गया है।