6 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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ऽभारत सरकार मुद्रणालय, कलकत्ता के
कर्मचारियों की शिकायतें
1315. श्री अब्दुल कयूमः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) क्या भारत सरकार मुद्रणालय, कलकत्ता के कर्मचारियों ने 20 दिसम्बर, 1944 और 24 जनवरी, 1944 को अपने अभ्यावेदन प्रस्तुत किए_
(ख) इन अभ्यावेदनों में क्या -क्या शिकायतें की गई_ और
(ग) सरकार ने उन पर क्या कार्यवाही की अथवा करने का विचार है?
माननीय डा. बी. आर. अम्बेडकरः (क) जी हां।
(ख) कर्मचारियों की निम्नलिखित मांगे थीं -
(1) मूल मजदूरी में वृद्धि तथा 10 रुपये प्रति मास की न्यूनतम मजदूरी का
निर्धारण।
(2) मंहगाई भत्ते में वृद्धि।
(3) अनाज की रियायती दरों पर सप्लाई।
(4) कार्य करने के घंटों में कमी।
(5) उजरती कामगारों की आकस्मिक छुटिट्यों में वृद्धि।
(6) उजरती कार्य पद्धति का उन्मूलन, और
(7) उच्च और निम्न वर्गों में कर्मचारियों के वर्गीकरण की पद्धति का उन्मूलन तथा उच्च वर्ग के कर्मचारियों को जो अधिकार दिए जाते हैं, वे निम्न कोटि के कर्मचारियों को भी दिए जाने चाहिए।
(ग) भाग (ख) में दी गई मदें (2), (3), (5) और (7) विचाराधीन हैं। यहां वर्तमान आपात काल में अन्य मदों पर विचार करना संभव नहीं है।
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1945, 26 मार्च, 1945, पृष्ठ 2010