190 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
इस अध्यादेश का उपयोग होता है क्योंकि इस अध्यादेश के खतरे के अन्तर्गत मर्चेन्ट नौ-अधिकारियों को परेशान किया जाता है? मैं भारतीय मर्चेन्ट नेवी के पायलटों के बारे में नही कह रही हूं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं इस तथ्य से अवगत नहीं हूं परन्तु यदि विशेष उदाहरण मेरे ध्यान में लाए जाएं तो मैं इस मामले पर ध्यान दूंगा।
कुमारी मनीबेन कारा ः क्या यह सच नहीं है कि सिंधिया कम्पनी (इंडिया) द्वारा इस अध्यादेश के उपयोग के विरूद्ध मेरीटाइम यूनियन ऑफ इंडिया (भारत की जहाजी संघ) द्वारा कुछ अपील की गई थी?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः मैं फिलहाल उत्तर देने में असमर्थ हूं और मुझे उत्तर देने के लिए नोटिस की आवश्यकता है।
सभापति महोदय ः माननीय सदस्य को नोटिस की आवश्यकता है।
469
ऽदिल्ली, नई दिल्ली, बम्बई और कलकत्ता में
बिजली की सप्लाई की दरें
1771. पंडित ठाकुरदास भार्गव ः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) कलकत्ता और बम्बई की तुलना में दिल्ली और नई दिल्ली की बिजली की सप्लाई की दरें क्या है_
(ख) इसमें क्या कारण हैं कि कलकत्ता और बम्बई के समान दिल्ली और नई दिल्ली की दरें एक जैसी क्यों नही हैं_ और
(ग) क्या निकट भविष्य में आशा की जाती है कि दिल्ली में दरें कम हो जाएंगी?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ः (क) सभा पटल पर एक विवरण रखा जाता है।
(ख) दिल्ली और नई दिल्ली में रोशनी तथा पंखों की दरें पहले ही से समान हैं। पॉवर की दरों मे कुछ अंतर को दूर करने के बारे में विचार किया जा रहा है। एक ओर नई दिल्ली और दिल्ली तथा दूसरी ओर कलकत्ता या बम्बई की दरों में
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 5, 1946, 12 अप्रैल, 1946, पृष्ठ 3897