317 भारत सरकार मुद्रणालय, कलकत्ता में उजरती कामगारों को अवकाश-लाभ - Page 23

8 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(ग) क्या रेलवे और अन्य कर्मचारियों की तुलना में कलकत्ता स्थित सरकारी मुद्रणालयं के कर्मचारियों को राशन और गैर-राशन की चीजों के लिए अधिक भुगतान करना पड़ता है_ और

(घ) क्या सरकार का वेतनमान में संशोधन करने का विचार है, और यदि नहीं तो क्यों नहीं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) मंहगाई भत्ते की वर्तमान दरें कीमतों में हुई वृद्धि को ध्यान में रख कर निर्धारित की गई थीं और उनके संशोधन का प्रस्ताव विचाराधीन है।

(ख) 1924 में। नए भर्ती हुए कर्मचारियों के वेतन की संशोधित दरें 1933 और 1934 में प्रारंभ की गई थीं।

(ग) जी हां। रेलवे कर्मचारियों की तुलना में उन्हें अधिक भुगतान करना पड़ता है परन्तु उन्हें स्वीकार्य रियायतें वहीं है जो केन्द्रीय सरकार के अन्य कर्मचारियों को दी जाती है।

(घ) सरकार का यह प्रस्ताव नहीं है कि वर्तमान आपातकालीन स्थिति में कोई सामान्य संशोधन हाथ में लिया जाए।

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ऽभारत सरकार मुद्रणालय, कलकत्ता में उजरती

कामगारों को अवकाश-लाभ

1315. श्री अब्दुल कयूमः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बातने की कृपा करेंगे कि-

(क) क्या कलकत्ता के केन्द्रीय सरकार मुद्रणालय में उजरती कामगारों को अवकाश लाभ के वही अधिकार प्राप्त हैं जो वेतन-भोगी कर्मचारियों को प्राप्त हैं_

(ख) क्या दिल्ली और कलकत्ता के वेतनभोगी कर्मचारियों को समान आकस्मिक अवकाश प्राप्त करने का अधिकार हैं_ और

(ग) यदि नहीं, तो क्या सरकार का दिल्ली और कलकत्ता में स्थिति एक जैसी करने का विचार है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) नहीं।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) का खण्ड 1, 1945, 26 मार्च, 1945, पृष्ठ 2010