विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 9
(ख) नहीं।
(ग) सभी भारत सरकार मुद्रणालयों में वेतन-भोगी कर्मचारियों को कैलेंडर वर्ष में 15 दिन तक का आकस्मिक अवकाश दिया गया है। भारत सरकार ने नई दिल्ली को सम्मिलित करते हुए दिल्ली के केन्द्रीय सरकार के सेवकों के लिए जलवायु और अन्य परिस्थितियों के अनुसार आकस्मिक अवकाश बढ़ाकर 20 दिन कर दिया गया है। आकस्मिक अवकाश की अधिकतम सीमा केवल कलकत्ता स्थित मुद्रणालय के कर्मचारियों के लिए नहीं बढ़ाई गई है।
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ऽभारत सरकार मुद्रणालय, कलकत्ता के निम्न श्रेणी के
कर्मचारियों को कतिपय लाभ देने की वांछनीयता
1319. श्री अब्दुल कयूमः (क) क्या माननीय सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि भारत सरकार मुद्रणालय, कलकत्ता के निम्न श्रेणी के कर्मचारियों को उच्च श्रेणी के कर्मचारियों की तुलना में कोई भी लाभ यथा सामान्य भविष्य निधि, स्थाई नौकरी, आवास, भत्ता, चिकित्सा अवकाश आदि पाने का अधिकार नहीं है_
(ख) यदि हां, तो क्या सरकार का उच्च श्रेणी के कर्मचारी में विशेषधिकारों को निम्न श्रेणी के कर्मचारी को भी देने का विचार है_
(ग) क्या यह सच है कि भारत सरकार मुद्रणालय, कलकत्ता के कर्मचारियों को, जिन्हें 1928 के बाद नियुत्तQ किया गया है, छुटट्ी के दिनों में काम करने के एवज में मुआवजा अवकाश नहीं दिया जाता है_
(घ) क्या यह सच है कि केवल 25 प्रतिशत भत्ता उन कर्मचारियों को दिया जाता है जो अवकाश के दिन कार्यालय में उपस्थित रहते हैं और बन्द न होने वाले अवकाशों के दिनों में उपस्थित रहने के लिए कोई भुगतान नहीं किया जाता है_ और
(घ) यदि हाँ, तो 1928 के बाद नियुत्तQ कर्मचारियों को किन परिस्थितियों में मुआवजा छुटट्ी के लाभ से वंचित कर दिया जाता है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) और (ख) नहीं। वे चिकित्सा अवकाश के अधिकारी हैं। स्थायी निम्न श्रेणी के कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), 1945 का खण्ड 1, 26 मार्च, 1945, पृष्ठ 2010