विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 13
( iv ) हवा के आने जाने के समुचित प्रबन्ध के बिना परिस्र में अस्वस्थ स्थिति है, और
(ख) क्या सरकार का यह प्रस्ताव है कि इन कारखानों में कारखाना और प्रसूति लाभ अधिनियम लागू किए जाएं तथा महिला कामगारों के शिशुओं और बच्चों की देखभाल के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा मजदूरों की दशा में सुधार किया जाए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) और (ख) कारखाना अधिनियम तथा मद्रास प्रसूति लाभ अधिनियम के लागू किए जाने का उत्तरदायित्व प्रांतीय सरकार का है। गुडूर डिवीज़न में अभ्रक स्प्लिटिंग (चीरने वाले) कारखानों के मजदूरों की दशा के सर्वेक्षण के संबंध में श्रमिक जांच-पड़ताल समिति इस काम पर लगी हुई है। सरकार समय के साथ उस योजना समिति द्वारा किए गए प्रस्तावों पर भी विचार करेगी जिसके बारे में सरकार को आशा है कि श्रमिक जांच-पड़ताल समिति का कार्य पूरा हो जाने के बाद स्थापित करेगी।
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ऽभारत सरकार मुद्रणालयों में अर्हताप्राप्त कॉपी
होल्डरों तथा पुनरीक्षकों को कनिष्ठ रीडर के
पद पर नियुत्तQ करने के बारे में नियम
1330. श्री वद्री दत्त पांडेः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या भारत सरकार के मुद्रणालयों के कर्मचारियों से हाल ही में कोई ज्ञापन प्राप्त हुआ है जो ऐसी विषमताओं से उत्पन्न उनकी कठिनाईयों के बारे में है जो अर्हता-प्राप्त कॉपी होल्डरों और पुनरीक्षकों की कनिष्ठ रीडरों के पदों पर नियुत्तिQ से सम्बन्धित वर्तमान नियम में मौजूद हैं_
(ख) क्या यह सच है कि मई, 1940 में भारत सरकार मुद्रणालय कामगार यूनियन, नई दिल्ली ने श्रम विभाग के सचिव को यूनियन के अध्यक्ष, श्री आसफ अली, विधायक (केंद्रीय) द्वारा पूर्णतः अनुमोदित अभ्यावेदन भेजा था जिसमें नियम में ऐसा संशोधन करने के लिए कहा गया था कि पूर्व सफल उम्मीदवारों को बाद में सफल उम्मीदवारों से वरीयता मिल सके_ और
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1945, 26 मार्च, 1945, पृष्ठ 2020