14 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(ग) क्या सरकार इस अभ्यावेदन के प्रकाश में वर्तमान नियम के संशोधन की वांछनीयता के बारे में विचार कर रही है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) भारत सरकार मुद्रणालय. नई दिल्ली द्वारा तीन कॉपी-होल्डरों से अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं परन्तु रीडर के पदों पर नियुत्तिQ करने वाले वर्तमान नियमों में किसी प्रकार की कठोरता अथवा विषमता का आरोप नही है।
(ख) जी हां।
(ग) इन अभ्यावेदनों पर उनके गुणावगुणों को ध्यान में रखकर विचार किया जाएगा।
323
ऽकेंद्रीय लोक निर्माण विभाग की कतिपय
शाखाओं में अनियमित नियुत्तिQयां
1351. सैय्यद गुलाम मिक नैरंगः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या सेवाओं में साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व के बारे में इन नियमों के विरुद्ध एक नियुत्तिQ की गई, क्या उसे रद्द नहीं करना चाहिए_
(ख) क्या यह सच है कि यह पाया गया कि एक सिख की अनियमित रूप से नियुत्तिQ की गई और यह नियुत्तिQ केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के बागवानी विभाग में की गई_
(ग) क्या यह सच है कि नियुत्तिQ को रद्द नहीं किया गया था परन्तु उस मुस्लिम को वरिष्ठता सूची में सही स्थान दिया गया था जिसे उस रिक्त स्थान में नियुत्तिQ किया जाना था_
(घ) क्या यह सच है कि विद्युत इंजीनियरों के संवर्ग में कुछ अनियमित नियुत्तिQयां की गई थी_
(घ) क्या यह सच है कि यह निर्णय किया गया था कि उन नियुत्तिQयों को रद्द न किया जाए परन्तु मुसलमानों को वरिष्ठता सूची में सही स्थान दिलाया जाए. और
(च) क्या यह सच है कि बाद में वरिष्ठता के बारे में आदेशों को रद्द कर दिया गया था और गैर-मुस्लिम अनियमित नियुत्तिQयों की तारीखों के अनुसार वरिष्ठता निर्धारित की गई थी और यदि हाँ तो ऐसा क्यों हुआ?
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1945, 26 मार्च, 1945, पृष्ठ 2035