विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 15
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) जी हाँ।
(ख) नहीं।
(ग) बागवानी अधीनस्थ कर्मचारी-वर्ग के ग्रेड में दो रित्तQ स्थान एक स्थान बनाए गए और इनमें से पहला रित्तQ स्थान मुस्लिम उम्मीदवार के लिए सुरक्षित किया गया तथा दूसरा स्थान असुरक्षित रहा। मुस्लिम रित्तQ स्थान के लिए मुस्लिम उम्मीदवार का चयन किया गया और असुरक्षित स्थान में सिख की नियुत्तिQ की गई। सिख ने मुस्लिम उम्मीदवार से पूर्व अपने स्थान पर काम करना प्रारंभ कर दिया और मुस्लिम उम्मीदवार किसी अन्य कार्यालय में नियुत्तQ था जहां से उसे समय पर कार्यभार से मुत्तQ नहीं किया गया। चूंकि दोनो नियुत्तिQयों में से पहली नियुत्तिQ मुस्लिम उम्मीदवार के लिए आरक्षित थी अतः उसे वरिष्ठता सूची में सिख की तुलना में वरीयता दी गई।
(घ), (घ) और (च) - विद्युत इंजीनियर के ग्रेड में लोक सेवा में अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधित्व के संबंध में आदेशों में दिए गए साम्प्रदायिक वरीयता के क्रम को देखे बिना कुछ स्थानापत्र नियुत्तिQयां की गई। इन नियुत्तिQयों को पूर्वी भारत में तात्कालिक युद्ध के निर्माण कार्यों के संबंध में अति अल्प सूचना के आधार पर किया गया और प्रशासकीय दृष्टि से यह अव्यावहारिक था कि ये नियुत्तिQयां निर्धारित साम्प्रदायिक क्रम की वरीयता के अनुसार की जाएँ। इसलिए इन नियुत्तिQयों को रद्द नहीं किया गया तथा संबंधित अधिकारियों की वरिष्ठता उनकी नियुत्तिQ की तारीख के अनुसार निर्धारित की गई। विद्युत इंजीनियर के ग्रेड में किसी भी मुस्लिम अधिकारी की वरिष्ठता निर्धारित करने के आदेश नहीं दिए गए और बाद में ये रद्द नहीं किए गए।
324
ऽमहिला खान कामगारों को कुछ
प्रसूति लाभ दिया जाना
1358. श्री टी. एस. अविनाशलिंगम चेटिट्यारः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) तारांकित प्रश्न संख्या 437, दिनांक 21फरवरी, 1945 के अपने उत्तर के अनुसरण में क्या सरकार ने समय की वृद्धि के मामलों की जाँच-पड़ताल की है जब महिलाओं को प्रसूति से पूर्व और बाद के कुछ समय तक खानों में जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए_
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खण्ड 1, 1945, 26 मार्च, 1945, पृष्ठ 2028