विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 23
331
ऽरेलवे कोयला खानों के कामगारों के
बच्चों के लिए प्राथमिक विद्यालय
1471. श्रीमती के. राधाबाई सुब्बारायणः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) रेलवे के स्वामित्व वाली कोयला खानों में काम करने वाले खनिकों के बच्चो के लिए प्राइमरी स्कूल है, और यदि हां तो स्कूलों तथा उनमें से प्रत्येक में पढ़ने वाले छात्रों - लड़के और लड़कियों की संख्या कितनी है_
(ख) क्या जून, 1939 से इन स्कूलों और छात्रों की संख्या बढ़ी है या घटी है और अब क्या अंतर है_
(ग) क्या इन स्कूलों में सह-शिक्षा होती है और क्या इन स्कूलों के स्टॉफ में महिला अध्यापिकाएं हैं_
(घ) क्या इन स्कूलों में दोपहर का भोजन दिया जाता है_ यदि नहीं तो क्यों नहीं_
(घ) क्या ये स्कूल पूर्णतः या आंशिक रूप से कोयला खान प्राधिकारियों अथवा किसी अन्य स्थानीय प्राधिकारी के प्रबंध में हैं_ और
(च) इन स्कूलों में प्रारंभिक शिक्षा को प्रोन्नत करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क्र) जी हां। मुझे खेद है कि मेरे पास ऐसी कोई सूचना नहीं है कि स्कूलों की संख्या क्या है परन्तु मैं यह सूचना प्राप्त कर लूंगा। जहां तक खानों में काम करने वाले कामगारों के उन बच्चों की संख्या का प्रश्न है जो स्कूलों में उपस्थित रहते हैं, उनकी संख्या एकत्र करना सरल काम नहीं है क्योंकि इन स्कूलों में बाहर के बच्चे भी पढ़ते हैं।
(ख), (ग) और (घ) मेरे पास कोई सूचना नहीं है परन्तु मैं सूचना एकत्र करूंगा और सभा पटल पर रख दूंगा।
(घ) इन स्कूलों का प्रबंध उस हजारीबाग कोयला खानों के बोर्ड द्वारा किया जाता है जिसे रेलवे की कोयला खानों द्वारा वित्तीय योगदान किया जाता है।
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 2, 1945, 29 मार्च, 1945, पृष्ठ 2239