332 सरकारी कर्मचारियों के लिए आवश्यक सेवा अध्यादेश का लागू किया जाना - Page 39

24 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(घ) शैक्षिक सुविधाओं का प्राथमिक रूप से उत्तरदायित्व प्रान्तीय सरकारों का होता है।

श्रीमती के. राधाबाई सुब्बारायणः श्रीमन् माननीय सदन ने किसी अन्य दिन यह बताया था कि एक कल्याण समिति है। क्या मैं यह पूछ सकती हूं कि माननीय सदस्य ने उन सुझावों की ओर ध्यान दिया है जो मैने अपने इस प्रश्न में दिए हैं तथा खान में कार्य करने वाले कामगारों के उन बच्चों का भी रिकार्ड ले सकेंगे जो स्कूलों में उपस्थित रहते हैं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः कल्याण समिति की इसमें रूचि लेने और इस मामलें में कारवाई करने में कोई अवरोध नहीं है।

श्रीमती के. राधाबाई सुब्बारायणः श्रीमन् मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या सरकार समिति को अनुदेश देगी कि उसे इन मामलों की ओर ध्यान देना चाहिए?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः जी हां, सरकार ऐसा कर सकती है। ऐसा कुछ भी नहीं है जो समिति को ऐसा करने के लिए अवरोध प्रस्तुत करे।

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ऽसरकारी कर्मचारियों के लिए आवश्यक सेवा

अध्यादेश का लागू किया जाना

1485. श्री एन. एम. जोशीः क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) क्या आवश्यक सेवा अध्यादेश सभी सरकारी कर्मचारियों पर लागू होता है_ और

(ख) क्या सरकार के पास इस आशय के विरोध हैं जिनका संबंध आवश्यक सेवाएं (रख रखाव) अध्यादेश II, 1945 की धारा 5 और 6 के उपबंधों के अनुप्रयोग से है। इन धाराओं का संबंध सम्राट के उस दायित्व से है कि यथोचित कारण के अभाव में सम्राट के कर्मचारियों की सेवाएं भंग न की जाएं अथवा विशिष्ट प्राधिकारी को कर्मचारियों के वेतन तथा सेवा की अन्य शर्तों को विनियमित करने के लिए नियम जारी किए जाएं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) जी हां।

(ख) नहीं।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 2, 1945, 29 मार्च, 1945, पृष्ठ 2245