26 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
क्या ऊपर बताए गए सुन्नी मुज्लिस-ए-अवकाफ दिल्ली प्रांत के सभी वक्फ का एकाकी प्रशासक है_
(ख) क्या श्रम सदस्य इस बात से अवगत हैं कि हाल ही में निर्मित सरकारी क्वार्टरों के समीप नई दिल्ली स्थित करोलबाग क्षेत्र में कब्रिस्तान और एक पुरानी मस्जिद मौजद है तथा मुसलमान उसमें नामाज़ अदा करते हैं_
(ग) क्या यह सच है कि केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग ऊपर बताई गई मस्जिद के चारों ओर दीवार बनाकर उसके घेरने का इरादा करते हैं और इस प्रकार मुसलमानों को इसके अन्दर प्रवेश करने से रोकते हैं जहां मुसलमान अपनी नमाज़ अदा करते हैं_
(घ) क्या उनके विभाग ने सुन्नी-ए-अवकाफ से मस्जिद में चारों ओर दीवार बनाने की अनुमति प्राप्त कर ली है_
(घ) क्या यह सच है कि ऊपर बताई गई मस्जिद में मुसलमान को अपनी नमाज़ अदा करते समय आपत्ति उठाने वाले ठेकेदार और ऊपर बताए गए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के कामगार हैं जो अब केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के साथ सम्बद्ध हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) जी हां।
(ख) मैं किसी पुरानी मस्जिद के मौजूद होने के तथ्य से अवगत नहीं हूं परन्तु करोल बाग में निर्मित सरकारी क्वार्टरों के समीप पुराना व प्रयोग न किया जाने वाला कब्रिस्तान दिखाई देता है। परन्तु मैं इस तथ्य से अवगत हूं कि इस क्षेत्र के खुद मुस्लिम निवासियों ने हाल ही में एक पक्का चबूतरा बना लिया है और उसके ऊपर छप्पर डाल लिया है तथा इस क्षेत्र को घेर लिया है तथा वे इसी स्थान पर अपनी नमाज़ अदा करते हैं।
(ग) स्थानीय प्रशासन से परामर्श करके सरकार ने इस क्षेत्र को घेरने के लिए एक दीवार के निर्माण का प्रस्ताव किया है। ताकि इस सरकारी भूमि पर मुसलमान अथवा हिन्दू अपना अधिकार न कर लें। मुस्लिम सम्प्रदाय के प्रतिनिधियों से प्राप्त अम्यावेदन का आदर करते हुए इस प्रस्ताव को तब तक आस्थगित कर रखा है जब तक कि इसमें निहित वैध मामलों को न निपटाया जाए।
(घ) प्रश्न (ख) के उत्तर की दृष्टि से प्रश्न नही उठता।
(घ) माननीय सदस्य प्रश्न (ग) के मेरे उत्तर को देखें।
(च) माननीय सदस्य प्रश्न (ग) के मेरे उत्तर को देखें।