विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 29
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) मुद्रणालयों के लेखाओं की लेखा-परीक्षा महालेखाकार, केन्द्रीय राजस्य और अन्य लेखाओं के महालेखाकार द्वारा की जाती है जो उसकी ओर से कार्य करते हैं।
(ख) लेखा-परीक्षा द्वारा रिपोर्टें विभागों के अध्यक्षों को प्रस्तुत की जाती हैं। भारत सरकार को केवल महत्वपूर्ण बातों का संदर्भ दिया जाता है अथवा ऐसे मामले बताए जाते हैं जिनके बारे में कोई समझौता नहीं हो पाता।
(ग) वर्ष 1942-43 की रिपोर्ट में ऐसी कुछ कमियों को बताया गया है जो रजिस्टर में अशुद्ध प्रविष्टियों के कारण हुई हैं। यह मामला अभी तक विचाराधीन है। वर्ष 1943-44 की रिपोर्ट हाल ही में प्राप्त हुई है तथा नियंत्रक, मुद्रण और लेखा-सामग्री, भारत द्वारा इसकी जाँच की जा रही है।
(घ) नहीं। महालेखाकर, केन्द्रीय राजस्व द्वारा वर्ष के विनियोग लेखाओं में महत्वपूर्ण बातें सम्मिलित की जाती है। इन लेखाओं की जाँच लोक लेखा समिति द्वारा की जाती है और उनकी रिपोर्ट विधान सभा के समक्ष प्रस्तुत की जाती है।
श्री के. वी. जिना राजा हेगड़ेः क्या इस प्रश्न के भाग (घ) के संदर्भ में मैं यह जान सकता हूं कि क्या माननीय सदस्य लेखा-परीक्षा रिपोर्ट सदन की मेज़ पर रखेंगे?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः नहीं श्रीमन्, यह आवश्यक नही है। इन्हें लोक लेखा समिति की रिपोर्टो में सम्मिलित किया गया है।
श्री के. वी. जिना राजा हेगड़ेः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि इन लेखा-परीक्षा रिपोर्टो की लोक लेखा समिति रिपोर्टो में पूर्णतया सम्मिलित किया गया हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः इस रिपोर्ट के ऐसे भाग लोक लेखा समिति में सम्मिलित किए गए हैं जिनकी आवश्यकता लोक लेखा समिति के लिए हैं।
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ऽकेन्द्रीय सरकार के कर्मचारी जिन्हें क्वार्टर नहीं मिले
1606. सरदार संत सिंहः (क) क्या माननीस श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि दिल्ली और नई दिल्ली में सेवारत उन केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों का प्रतिशत क्या है जिन्हें 600 रुपये से कप वेतन मिलता है और जिन्हें अभी तक कोई सरकारी आवास नही मिला है_
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1945, 4 अप्रैल, 1945, पृष्ठ 2459