30 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(ख) क्या यह सच है कि सरकारी कर्मचारी जिसका मासिक वेतन 600 रुपये से कम है, को उसके क्वार्टर से वंचित नहीं किया जाता जब वह अपने वर्ग से पदोन्नति प्राप्त कर लेता है और जब तक उसे उच्चतर टाइप का आवास उपलब्ध न कराया जा सकेः
(ग) क्या सरकार दिल्ली और नई दिल्ली के उन सरकारी कर्मचारियों की संख्या बताएगी जिनके पास क्वार्टर थे परन्तु उन्हें तकनीकी आधार पर क्वार्टर से वंचित कर दिया गया, उदाहरणार्थ उन्हें कृषि संस्थान, पूसा, भारत सरकार मुद्रणालय, नई दिल्ली, ए.जी. टी. एण्ड टी. आदि से भारत सरकार के मुख्य सचिवालय में स्थानान्तरित कर दिया गया है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) लगभग 65 प्रतिशत।
(ख) जी हाँ।
(ग) आवश्यक सूचना अभी उपलब्ध नहीं है और इस अवस्था में ऐसी सूचना का एकत्र किया जाना निहित श्रम को संगत नहीं ठहराएगा परन्तु मैं माननीय सदस्य को सूचित करूंगा कि भारत सरकार मुद्रणालय, कृषि अनुसंधान संस्थान और ए.जी. सी. एण्ड टी. कार्यालय से स्थानान्तरित कर्मचारियों, जिनके लिए अलग क्वार्टरों का पूल है, के मामले में किसी भी अधिकारी को नई दिल्ली में एक सरकारी कार्यालय से दूसरे सरकारी कार्यालय में स्थानान्तरित होने पर अपने क्वार्टर को खाली करने की आवश्यकता नही है।
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ऽनई दिल्ली में दूसरे कार्यालय से स्थानान्तरित होने पर क्वार्टरों से वंचित सरकारी कर्मचारियों की दशा
1607. सरदार संत सिंहः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताना चाहेंगे कि क्या यह सच है कि काफी मामलों में, जहाँ सरकारी कर्मचारियों को उनके क्वार्टरों से वंचित किया गया है, संबंधित व्यक्तियों की दिल्ली और नई दिल्ली में केन्द्रीय सरकार के अधीन स्थायी नौकरी का कुल कार्य-काल पंद्रह वर्ष या इससे अधिक वर्ष का है_
(ख) क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि वर्तमान परिस्थितियों में इन सरकारी कर्मचारियों में से कुछ कर्मचारियों को, जिन्हें सरकारी आवास प्राप्त करने से पूर्व
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1945, 4 अप्रैल, 1945, पृष्ठ 2459