338 दिल्ली और नई दिल्ली में सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों से खस-खस टटिट्यों के लिए आवेदन-पत्र - Page 46

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 31

प्रारंभ में कई वर्ष तक क्वार्टर की प्रतीक्षा करनी पड़ी थी, अपने सेवा काल के दौरान फिर सरकारी आवास मिलने का कोई अवसर प्राप्त न होगा_

(क) क्या यह सच है कि परंपरागत और गैर परंपरागत क्वार्टरों का भेद समाप्त कर दिया गया है ताकि दिल्ली और नई दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों को आवास मिलने का कार्यक्षेत्र बढ़ सके_

(घ) क्या सरकार ऊपर बताए गए (क) और (ख) में दिए गए सरकारी कर्मचारियों के बारे में विचार करने का प्रस्ताव करती है और दिल्ली और नई दिल्ली में केन्द्रीय सरकार की सेवा-अवधि को आवास आवंटन के लिए उन्हें राहत देने के लिए विचार करती है_ और यदि हां तो क्यों नहीं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) माननीय सदस्य का ध्यान तारांकित प्रश्न संख्या 1606 के भाग (ग) के उत्तर की ओर आकर्षित किया जाता है।

(ख) अन्तिम प्रश्न के मेरे उत्तर में जिन अधिकारियों का उल्लेख किया गया है, उन्हें क्वार्टर के लिए सामान्य पूल में अपनी बारी आने तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी परन्तु उन्हें कितने समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ेगी, यह मैं नही बता सकता।

(ग) जी हां।

(घ) सामान्य पूल में सदैव कुल सेवा की अवधि निर्णायक होती है। सरकार अपने कर्मचारियों के विशेष ग्रुपों के पक्ष में इस नियम के परिवर्तन को न्याय-संगत नहीं समझती।

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ऽदिल्ली और नई दिल्ली में सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले
कर्मचारियों से खस-खस टटिट्यों के लिए आवेदन-पत्र

131. श्री के. सी. नियोगीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या वह इस तथ्य से अवगत हैं कि आगामी ग्रीष्म ऋतु में दिल्ली और नई दिल्ली के सरकारी कर्मचारियों द्वारा अधिकृत आवासों के लिए खस-खस टटिट्यों की सप्लाई के संबंध में औपचारिक आवेदन-पत्र अपर मुख्य अभियंता (पश्चिम क्षेत्र), केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के परिपत्र ज्ञापन संख्या डब्ल्यू. 1/3708, दिनांक 20 फरवरी, 1945 और संख्या डब्ल्यू 1/3708, दिनांक 13 मार्च, 1945 के अनुसार 20 मार्च, 1945 तक मांगे गए थे_

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1945, 4 अप्रैल, 1945, पृष्ठ 2449