34 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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ऽयुद्ध तकनीशियनों के डिपो अथवा
स्वागत केन्द्र का खोला जाना
1698. डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः क्या माननीय श्रम सदस्य युद्ध तकनीशियनों के डिपो अथवा स्वागत केन्द्र के खोले जाने के बारे में विचार कर रहे हैं? यदि हां तो वे किन-किन स्थानों पर खोले जाएंगे?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः भारत सरकार ऐसे प्रत्येक केंद्र में एक स्वागत डिपो खोलने का प्रस्ताव करती है जहां सिविलियन रंगरूट प्रशिक्षण के लिए चुने जाने के बाद प्रशिक्षण केन्द्र भेजे जाने के पूर्व अल्पावधियों के लिए भेजे जा सकते हैं। पहले ही से स्वीकृत स्वागत डिपो, उनकी क्षमता और स्थिति के बारे में विवरण सभा पटल पर रखा जाता है।
डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः क्या कई केंद्र हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः माननीय सदस्य विवरण देख सकते हैं और स्वयं स्थिति का पता लगा सकते हैं। मैं सभा पटल पर एक विवरण रखता हूं।
मौलवी मोहम्मद अब्दुल गनीः स्वागत केंद्रों की कुल संख्या क्या है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं यह गणना नहीं कर सकता।
सभापति महोदय (माननीय सर अब्दुर रहमान)ः माननीय सदस्य सभा पटल पर रखे विवरण से अधिक अच्छी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः यह बड़ी सूची नहीं है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः यह बड़ी सूची है। मैं पूरी सूची तब तक नहीं पढ़ सकता जब तक श्रीमन् मुझे इसे पढ़ने की अनुमनि न दें। भारत सर्किलों में विभाजित है अर्थात् उत्तरी सर्किल, केन्द्रीय सर्किल, उत्तरी-पूर्वीय सर्किल, दक्षिण-पूर्वी सर्किल, पूर्वी सर्किल, पश्चिमी सर्किल और दक्षिणी सर्किल।
डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः उनके मुख्यालय कहां-कहां हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः प्रशिक्षण के लिए हेड क्वाटर्स अथवा केन्द्र इस प्रकार हैंः
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1945, 9 अप्रैल, 1945, पृष्ठ 2614