विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 37
श्री के. बी. जिना राजा हेगड़ेः इन लाभों को प्राप्त करने के लिए कितने कामगारों को आवेदन करना चाहिए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः निश्चय ही, यदि वे यह इच्छा प्रकट करते हैं तो उस पर विचार किया जाएगा?
श्री के. बी. जिना राजा हेगड़ेः उन कामगारों की संख्या क्या है जिन्हें आवेदन करना चाहिए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः अभी तक हमने इस प्रकार की मांग के लिए कोई भी न्यूनतम संख्या प्रस्तावित नहीं है।
प्रो. एन. जी. रंगाः क्या कल्याण अधिकारियों का एक काम यह है कि वे अपने कर्मचारियों को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नियोत्तQओं को प्रोत्साहित करें?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः हम इस बारे में विचार कर रहे हैं।
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ऽभारत सरकार मुद्रणालय के कर्मचारियों के
मंहगाई भत्ते तथा वेतन-मान का बढ़ाया जाना
1706. काज़ी मोहम्मद अहमद काज़मीः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि ( i ) भारत सरकार के मुद्रणालयों की यूनियनों ने अपनी फेडरेशन बना ली है_ ( ii ) क्या भारत सरकार मुद्रणालय की यूनियनों के फेडरेशन की कार्यकारी समिति ने एक वत्तQव्य जारी किया है जिसमें मुद्रणालय के कर्मचारियों की कठिनाई की दुःखद कहानी का वर्णन किया गया है तथा उनके मंहगाई भत्ता और वेतनमान को बढ़ाने की सिफारिशें की गई है_ और
(ख) यदि (क) के उत्तर सकारात्मक हैं तो क्या इस वत्तQव्य के जारी होने के समय से इस मामले में कोई कार्रवाई की गई है. यदि नहीं तो वह कार्रवाई कब और किस प्रकार करेंगे और यदि कार्रवाई नहीं करेंगे तो क्यों?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (क) ( i ) और ( ii ) जी हां।
(ख) यह मामला सरकार के विचाराधीन हैं।
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1945, 9 अप्रैल, 1945, पृष्ठ 2619