345 तीमारपुर, दिल्ली के क्वार्टरों की बुरी दशा - Page 54

विधानसभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) प्रश्न और उत्तर 39

(घ) सरकार यह आवश्यक समझती है कि भारतीय अभ्रक उद्योग को ठोस आधार उपलब्ध कराया जाए और वह भारतीय अभ्रक उत्पादक के सभी अधिकारों की सुरक्षा के लिए सभी संभव कदम उठाने का इरादा रखती है।

श्री मनु सूबेदारः क्या मैं यह जान सकता हूँ कि सरकार ने इस बात का प्रयत्न क्यों नही किया कि छोटे-छोटे अभ्रक उत्पादकों को अपने पर्यवेक्षण तथा मार्गदर्शन में सम्मिलित किया जाए और वे विदेशी स्वत्वाधिकारियों के लिए क्यों मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः हम कोई भी कदम उठाने का प्रस्ताव नहीं करते जब तक हमें उस समिति की रिपोर्ट न मिल जाए जिसे हमने नियुत्तQ किया है।

श्री मनु सूबेदारः क्या सरकार छोटे भारतीय अधिकारों को इन विदेशी स्वत्वाधिकारों द्वारा खरीदे जाने की अनुमति देगी?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं इस मुद्दे के बारे में पूर्ण निर्णय नहीं करना चाहता।

प्रोफेसर. एन. जी. रंगाः इस बीच इस उद्योग का क्या होने वाला है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः इस मामले में अधिक डरने की कोई बात नहीं है।

श्री मनु सूबेदारः क्या सरकार सदन को कोई आश्वासन देना चाहेगी?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः जैसे ही रिर्पार्ट प्राप्त होगी. हम सभी आवश्यक उपाय करेंगे।

345

ऽतीमारपुर, दिल्ली के क्वार्टरों की बुरी दशा

1722. श्री बद्री दत्त पाण्डेः (क) क्या माननीय श्रम सदस्य यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या तीमारपुर में सरकारी क्वार्टर अस्थायी रूप से बनाए गए थे_

(ख) क्या श्रम सदस्य इस बात से अवगत हैं कि ये क्वार्टर अब बहुत बुरी हालत में हैं और आशंका है कि किसी भी समय इनमें से कुछ क्वार्टर गिर सकते हैं_

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय), खंड 4, 1945, 9 अप्रैल, 1945, पृष्ठ 2630